बारिश हुई कम प्रशासन बता रहा झमाझम

Bulandshahr Updated Mon, 06 Aug 2012 12:00 PM IST
सिकंदराबाद। आंकड़ों की बाजीगरी में माहिर प्रशासन ने वर्षा के आंकड़ों में भी खेल कर दिया। तहसील प्रशासन के मुताबिक सिकंदराबाद में इस साल पांच अगस्त तक दो वर्ष से भी अधिक पानी बरसा। जबकि सच किसी से छिपा नहीं है। सूखे के संकट से फसलें सूखने को हैं। किसान बेचैन हैं।
बारिश न होने से धान की फसल पर संकट मंडरा रहा है, लेकिन प्रशासन के आंकड़े बता रहे हैं कि झमाझम बारिश हुई है। प्रशासन के मुताबिक सिकंदराबाद क्षेत्र में इस साल आठ एमएम (मिमी) मेघ अधिक बरसे। एसडीएम कार्यालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक वर्ष-2010 में जून, जुलाई और अगस्त की पांच तारीख तक क्षेत्र में 120 एमएम वर्षा हुई थी। वर्ष-2011 में वर्षा का ग्राफ गिरा और आसमान से महज 100.17 एमएम पानी बरसा। जबकि इस वर्ष पांच अगस्त तक 128 एमएम वर्षा दर्ज की जा चुकी है। ये सरकारी आंकड़े आम आदमी के गले नहीं उतर रहे हैं।
बारिश का लेखाजोखा
वर्ष जून जुलाई अगस्त कुल
2010 - 88.8 32.0 120.00
2011 1.17 99.0 - 100.17
2012 2.00 130 26.0 128.00
(वर्षा एमएम में मापी गई है। सभी आंकड़े पांच अगस्त तक के सिकंदराबाद क्षेत्र के हैं। आंकड़े एसडीएम कार्यालय से लिए गए हैं।

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