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सांसद-विधायक भी कहेंगे ‘स्कूल चलो’

Bulandshahr Updated Sat, 23 Jun 2012 12:00 PM IST
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‘शिक्षा का हक’ और ‘स्कूल चलो अभियान’ चलाने के निर्देश
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बुलंदशहर। स्कूल से मुंह मोड़ चुके 6 से 14 साल के बच्चों को फिर स्कूलों तक लाने के लिए जनप्रतिनिधि भी ‘स्कूल चलो’ अभियान में अपनी भूमिका निभाएंगे। ड्रॉप आउट बच्चों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए शासन ने एक से 31 जुलाई तक अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
अभियान के तहत निजी वालंटियर तो काम करेंगे ही इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष, संसद सदस्य, विधान सभा सदस्यों और जिला पंचायत सदस्यों को भी जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। 22 से 24 जून तक शिक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर एक जुलाई से शुरू होने वाले ‘स्कूल चलो अभियान’ में सहायता करने के लिए तैयार करेंगे।
शासन के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक एक जुलाई से वालंटियर घर-घर जाकर ऐसे बच्चों को चिह्नित करेंगे जिन्होंने बीच में ही स्कूल छोड़ दिया। बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेश चंद वर्मा ने बताया कि अभियान की तैयारी कर ली गई है। बृहस्पतिवार को बैठक कर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देशित कर दिया गया है।

कार्य योजना बनाई
बुलंदशहर। स्कूल चलो अभियान को लेकर सीडीओ सुनील कुमार श्रीवास्तव ने शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि 25 से 30 जून तक स्कूल चलो अभियान का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। 25 से 28 जून तक बीडीसी, ब्लाक प्रमुख, ग्राम प्रधानों और खंड शिक्षा अधिकरियों के साथ विशेष बैठक कर योजना तैयार की जाएगी। 29 और 30 जून को ग्राम शिक्षा समिति और वार्ड की बैठकें आयोजित कर ड्रॉप आउट बच्चों के माता-पिता से घर-घर जाकर संपर्क किया जाएगा। शिक्षा का हक अभियान के तहत प्रत्येक ब्लाक में 10 शिक्षा दलों का गठन किया जएगा। इसमें तीन स्वयंसेवी संस्थाएं होंगी। शिक्षा दल हर माह में 20 आवंटित स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देंगे। बैठक में एडीएम प्रशासन अच्छे लाल यादव, डीआरडीए परियोजना निदेशक शिव कुमार मिश्रा, खंड विकास अधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

मेन्यू के मुताबिक ही बनेगा मिड-डे मील
बुलंदशहर। नए शैक्षिक सत्र में मिड-डे मील मेन्यू के अनुसार स्कूल की रसोई में ही बनाया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
एक जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र के लिए तैयारियों पर चर्चा करते हुए सीडीओ ने कहा कि दोपहर का भोजन विद्यालय में ही शिक्षकों की देखरेख में तैयार किया जाए। इसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी भी शिक्षकों पर होगी। भोजन के लिए गेहूं, चावल और गैस समय पर पहुंचवाने की जिम्मेदारी डीएसओ पर रहेगी। जिला स्तरीय और ब्लाक स्तरीय टास्क फोर्स के प्रत्येक सदस्य हर महीने 5-5 स्कूलों का निरीक्षण कर निर्धारित चेक लिस्ट के अनुसार निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। एडीएम प्रशासन अच्छे लाल यादव, बीएसए रमेश चंद वर्मा, हेल्थ, पंचायत, शिक्षा और ब्लाक के अधिकारी बैठक में शामिल रहे।
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