बदमाश अनिल दुजाना को छुड़ाने की कोशिश नाकाम!

Bulandshahr Updated Fri, 15 Jun 2012 12:00 PM IST
पेशी पर ले जाते समय कैदी वाहन का कार सवार युवकों ने किया पीछा
साइड में लगा अनिल दुजाना से की बातचीत
दनकौर तिराहे के पास पुलिस ने कार सवारों को घेरा, तीनों गिरफ्तार

सिकंदराबाद। बुलंदशहर जिला कारागार से कैदी वाहन में अनिल दुजाना को पेशी पर ले जाते समय बृहस्पतिवार को कार सवार युवकों ने छुड़ाने का प्रयास किया। लेकिन पुलिसकर्मियों की सतर्कता के चलते कोशिश नाकाम रही। सिकंदराबाद पुलिस ने घेराबंदी कर कार को दनकौर तिराहे पर घेर लिया और उसमें सवार तीनों युवकों को दबोच लिया।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे जिला कारागार बुलंदशहर से कैदी वाहन करीब 20 कैदियों को पेशी पर ले जाने के लिए गौतमबुद्ध नगर के लिए निकला। जेल परिसर के बाहर खड़ी सफेद रंग की कार कैदी वाहन के पीछे लग गई। कुछ देर बाद रास्ते में कार कैदी वाहन की साइड में चलने लगी। कार में सवार दो युवक बदमाश अनिल दुजाना से बात करने लगे। पुलिसकर्मियों ने मना किया तो युवकों ने उन्हें डपट दिया। इस पर पुलिसकर्मियों ने शहर कोतवाल को फोन पर सूचना दी। आनन फानन में दो जीप हाईवे-91 पर लग गई। पुलिस ने घेराबंदी कर दनकौर तिराहे पर कार को घेर लिया। पुलिस ने कार सवार राजेश, महेश निवासी दुजाना और जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। राजेश और महेश अनिल दुजाना के गांव के ही हैं। पुलिस को आरोपियों ने बताया कि वह भी गौतमबुद्ध नगर कलक्ट्रेट जा रहे थे। इसलिए वह कैदी वाहन के पीछे चल रहे थे।

आखिर क्या था मकसद?
कार सवार युवक अनिल दुजाना को छुड़ाना चाहते थे या फिर कोई और घटना को अंजाम देना चाहते थे, फिलहाल आरोपी मुंह नहीं खोल रहे हैं। लेकिन दुजाना से बातचीत करने के पीछे पुलिस बड़ा कारण मान रही है। घटनाक्रम के पीछे अनिल दुजाना का भी हाथ हो सकता है। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। पुलिस ने मामले से आला अफसरों के साथ जेल प्रबंधन को भी अवगत करा दिया है।

कार सवार युवकों की मंशा शांति भंग करने की थी। संभवत: आगे चलकर तीनों युवक किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते थे। आरोपियों को पकड़कर कैदी वाहन को सुरक्षा के साथ गौतमबुद्ध नगर पहुंचा दिया गया। कार जब्त कर ली गई है।
केएन मिश्र, कोतवाल सिकंदराबाद

मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल पकड़े गए युवक अनिल दुजाना के साथी होने की बात सामने आई है।
गुलाब सिंह, एसएसपी

कौन है अनिल दुजाना?
सुंदर भाटी और अमित कसाना गैंग के बीच गैंगवार चली आ रही है। 18 नवंबर 2011 को साहिबाबाद स्थित न्यू इंडिया फार्म हाउस में दोनों गैंग के बीच शूट आउट हुआ था, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। गैंगवार के बाद तत्कालीन एसएसपी रघुबीर लाल ने बताया था कि अनिल दुजाना अमित कसाना गैंग में शामिल है। सरिया माफिया अनिल दुजाना की सुंदर भाटी से सरियों की कालाबाजारी की दुश्मनी है। प्रतिद्वंदिता के चलते एक-दूसरे से रंजिश है। सुंदर भाटी को सबक सिखाने के लिए वह कसाना के साथ मिला है। गैंगवार मामले में अनिल दुजाना पर गाजियाबाद से 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

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