विकास भवन पर स्टूडेंट्स का हंगामा

Bulandshahr Updated Sun, 20 May 2012 12:00 PM IST
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फीस वापसी की राशि नहीं मिलने पर बिफरे स्टूडेंट्स, एमआईटी के विद्यार्थी भी आए साथ
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बुलंदशहर। फीस वापसी को लेकर शनिवार को छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। वीआईआईटी और मराठवाड़ा इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स ने विकास भवन में जमकर हंगामा किया। परेशान छात्र-छात्राओं ने जिला समाज कल्याण अधिकारी इंद्रा शर्मा से मिलकर फीस रिटर्न का पैसा जल्द खातों में भेजने की मांग की। समाज कल्याण अधिकारी ने उन्हें बजट मिलते ही पैसा रिलीज करने का लिखित आश्वासन दिया।
वीआईआईटी और एमआईटी कॉलेज में पढ़ने वाले सामान्य और ओबीसी वर्ग के छात्र-छात्राओं की शुल्क प्रतिपूर्ति (फीस वापसी) का पैसा अभी तक नहीं मिला है। स्टूडेंट्स का कहना है कि समाज कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। ओबीसी वर्ग के करीब 150 स्टूडेंट्स के नाम ही शासन को नहीं भेजे गए हैं। ऐसे में इस वर्ग के छात्रों को पैसा मिलना मुश्किल है। पिछड़ा कल्याण वर्ग कार्यालय पहुंचकर शिकायत की तो जानकारी हुई कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से उपलब्ध कराई गई छात्रों के नामों की सीडी खराब थी। अब कॉलेज प्रबंधन छात्रों पर फीस का पैसा जमा कराने के लिए दबाव बना रहा है। बिना फीस जमा किए उन्हें यूनिवर्सिटी फार्म नहीं भरवाए जा रहे हैं। स्टूडेंट्स ने विकास भवन पहुंच अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।
‘बजट नहीं मिलने की वजह से स्टूडेंट्स के खातों में पैसा नहीं पहुंच पाया है। उन्हें लिखित आश्वासन दिया गया है कि बजट मिलते ही उनके खातों में जल्द से जल्द धनराशि ट्रांसफर कर दी जाएगी।’
- इंद्रा शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी


नए नियम से विवाद
फीस वापसी के बदले नियम ने छात्रों और कॉलेज प्रबंधन के बीच विवाद गहरा दिया है। नए नियम के बाद अब कॉलेज प्रबंधन छात्रों की फीस अपनी ओर से जमा करने से इनकार कर रहे हैं। वहीं छात्र भी फीस की रकम अपनी जेब से भरने से हाथ खड़े कर चुके हैं। दोनों ही पक्ष अब गेंद समाज कल्याण विभाग के पाले में डाल चुके हैं। यही वजह है कि छात्र आए दिन डीएम और विकास भवन कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
वर्ष 2011-12 तक छात्रों की शुल्क प्रतिपूर्ति का पैसा कॉलेज प्रबंधन के खातों में भेजा जाता था। ऐसे में अगर बजट मिलने में देरी होती थी, तो कॉलेज प्रबंधन अपने पास से छात्रों की फीस का पैसा जमा करता था। बाद में शासन की ओर से फीस का पैसा मिल जाता था। इस साल से सामान्य और ओबीसी कैटेगरी के छात्रों का पैसा उन्हीं के खातों में भेजा जा रहा है। एससी वर्ग के छात्रों का पैसा सीधे कॉलेज के खातों में भेजा गया है। वीआईआईटी कालेज के डीन एकेडमिक विजय कौशिक का कहना है कि फीस अपने पास से जमा करने पर अगर छात्र पास होकर चला गया तो उसके खाते में आई रकम को हासिल करना संभव नहीं होगा।

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