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मिड-डे मील योजना पर बैठी पहरेदारी

Bulandshahr Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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बुलंदशहर। मिड-डे मील योजना पर शासन ने पहरेदारी बैठा दी है। अब खर्च का ब्योरा देने के बाद ही अगले महीने के खाद्यान्न का बजट स्कूलों को दिया जाएगा। एमडीएम वितरण में आ रही शिकायतों के चलते यह सख्ती की जा रही है। बीएसए ने सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
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परिषदीय स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाला दोपहर भोजन की व्यवस्था सुधारने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। परिषदीय स्कूलों में मिड-डे मील के लिए ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापकों के ज्वाइंट खाते में पैसा भेज दिया है।
एकाउंट से पैसे निकालकर स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के दोपहर भोजन की व्यवस्था की जाती है। मिड-डे मील के लिए खरीदी जाने वाली खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, रोजाना के भोजन का खर्च आदि की जानकारी विभाग को नहीं मिल पाती है। इसके लिए अब ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापकों को बाजार से खरीदी जाने वाली खाद्य सामग्री का बाउचर, भोजन करने वाले बच्चों की रोजाना की रिपोर्ट समेत पूरा विवरण खंड शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराना होगा। बीएसए रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि मिड-डे मील की गुणवत्ता सुधारने के लिए पहल की जा रही है।
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