विज्ञापन

...तो कहीं ब्याज पर रुपये लेने वालों की आईडी से तो नहीं लिए गए गैस कनेक्शन

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Thu, 16 Jan 2020 09:29 PM IST
ख़बर सुनें
बदायूं। शहर से सटे लौड़ा बहेड़ी में रसोई गैस रिफलिंग के काले धंधे का खुलासा होने के बाद एक सवाल लोगों के मन में कौंध रहा था कि इतनी बड़ी संख्या में माफिया के पास सिलिंडर आए कहां से। बताया जाता है कि छापे के दौरान भले ही 240 सिलिंडर मिले हों, लेकिन माफिया के पास तकरीबन एक हजार सिलिंडर मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक सिलिंडर माफिया शहर में सूदखोरी का बड़ा काम करता है। वह जिन लोगों को मोटे ब्याज पर रुपये देता था, उनसे उनकी आईडी, फोटो और कैंसिल चेक ले लेता था। इन आईडी का प्रयोग उसने धीरे-धीरे सिलिंडर के फर्जी कनेक्शन जुटाने में किया और सिलिंडरों की संख्या बढ़ाता गया। इसमें कुछ गैस एजेंसी वालों से भी उसकी साठगांठ सामने आई है।
विज्ञापन
जिस दिन लौड़ा बहेड़ी में माफिया के गोदाम से बड़ी संख्या में सिलिंडर बरामद हुए थे, उसी दिन से सवाल उठ रहा है कि आखिर बरामद 240 सिलिंडर किसके नाम पर थे, जिनका उपयोग वह रिफिलिंग में कर रहा था। अभी पूर्ति विभाग इस बात का खुलासा नहीं कर सका है लेकिन सूत्रों के मुताबिक सिलिंडर माफिया इस काले धंधे को जमाए रखने के लिए लोगों के साथ धोखाधड़ी भी कर रहा था। दरअसल, सिलिंडर माफिया व उसका भाई शहर में लोगों को ब्याज पर रुपये देते हैं। जिन लोगों को वे रुपये देते थे, उनसे आधार कार्ड, फोटो, कैंसल चेक और जरूरी कागजात हासिल कर लेते थे। बताते हैं कि इन्हीं आईडी का उपयोग फर्जी गैस कनेक्शन लेने में किया गया था। माफिया ने किन-किन लोगों के साथ फर्जीवाड़ा किया है, अभी इसका तो पता नहीं चला है, लेकिन इतना जरूर है कि अगर इसकी जांच ठीक ढंग से की जाए तो माफिया बच नहीं पाएगा, भले ही उसने अपने कथित नौकर को इसमें फंसवाकर जेल भिजवा दिया हो। ये भी बताया जा रहा है कि माफिया ने उन लोगों के नाम पर उज्जवला योजना के तहत गैस कनेक्शन लिए थे, जिनके घरों में कभी गैस चूल्हे पर रोटी नहीं बनी। हमेशा उनके घर में चूल्हा ही फूंका गया। बाद में उन्हें समझा दिया गया कि जरूरत पर उन्हें सिलिंडर मिल जाएगा। इस योजना का उन गरीबों को तो लाभ नहीं मिला लेकिन माफिया ने इसका भरपूर फायदा उठाया।
अधिकारियों पर दबाव बनाने के कारण चर्चा में है ‘माननीय’ का नाम
- सिलिंडर माफिया व उसका भाई सपा की सरकार में पार्टी से जुड़े रहकर गलत कामों को खुलकर अंजाम देते थे। भाजपा की सरकार आई तो वे मौका देखकर भाजपा में शामिल हो गए। सराफा की दुकान का उद्घाटन भी एक बड़े नेता से कराया, जिसका मुख्य उद्देश्य ही अपनी धमक बनाना था। धीरे- धीरे पैठ बनाकर वह ‘माननीय’ के करीबी होते गए। इस कांड में पकड़े जाने के बाद भी उन्होंने इन माननीय का उपयोग खुद की गर्दन बचाने में किया। बताया जाता है कि माननीय के दबाव के कारण और आर्थिक सांठगांठ के कारण ही वे बचने में कामयाब हो गए।
बहेड़ी से जो सिलिंडर बरामद हुए हैं। उनके बारे में पता लगाया जा रहा है। सिलिंडर पर जो नंबर लिखा होता है उसे सेल्स ऑफिसर नोट करके ले गए हैं। उससे पता चल जाएगा कि आखिर सिलिंडर किस एजेंसी को दिया गया था। बाद में कनेक्शन धारक का नाम भी पता चल जाएगा। अभी इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। रिपोर्ट आने पर पता चलेगा कि बरामद सिलिंडर किसके नाम पर लिए गए थे।
रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
विज्ञापन

Recommended

त्योहारों के मौसम में ऐसे बढ़ाएं रिश्तों में मिठास
Dholpur Fresh (Advertorial)

त्योहारों के मौसम में ऐसे बढ़ाएं रिश्तों में मिठास

मौनी अमावस्या पर गया में कराएं तर्पण, हर तरह के ऋण से मिलेगी मुक्ति : 24 जनवरी 2020
Astrology Services

मौनी अमावस्या पर गया में कराएं तर्पण, हर तरह के ऋण से मिलेगी मुक्ति : 24 जनवरी 2020

विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Budaun

घर में घुसकर किशोरी को गोली मारी, अज्ञात के खिलाफ एफआईआर

घर में घुसकर किशोरी को गोली मारी, अज्ञात के खिलाफ एफआईआर

19 जनवरी 2020

विज्ञापन

रोहित-विराट की जोड़ी ने भारत को दिलाई जीत, चारों खाने चित हुआ ऑस्ट्रेलिया

तीसरे वनडे मैच में रोहित और विराट की जोड़ी ने टीम इंडिया को जीत दिलाई। और ऑस्ट्रेलिया को चारों खाने चित करते हुए सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली।

19 जनवरी 2020

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election
  • Downloads

Follow Us