विज्ञापन
विज्ञापन

मैंथा से किसानों को फिर बड़ी उम्मीद

अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर Updated Mon, 27 May 2019 12:28 AM IST
अफजलगढ़ क्षेत्र के ग्राम खुशहालपुर के जंगल में खड़ी मैंथा की फसल
अफजलगढ़ क्षेत्र के ग्राम खुशहालपुर के जंगल में खड़ी मैंथा की फसल - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें
बिजनौर में मैंथा किसानों के फिर से   दिन बहुरने वाले हैं। मैंथा की खेती   करने वाले किसानों को अब तेल के अच्छे दाम मिलने लगे है। पिछले    कुछ साल में फसल के सही दाम न मिलने से मैंथा की खेती से किसानों  ने मुंह मोड़ लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र में करीब 20 वर्ष पूर्व संभल से आए कुछ व्यापारियों ने ठेके पर जमीन लेकर मैंथा की खेती बड़े पैमान पर प्रारंभ की थी। इन्हें देख क्षेत्र के किसानों ने भी इस फसल को उगाना शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि उस समय दो से तीन हजार लीटर तक मैंथा तेल का भाव था। अच्छे मुनाफे को देख क्षेत्र के तमाम किसानों ने मैंथा की खेती करनी शुरू कर दी। इसके चलते दर्जनों किसानों ने सन 2000 के आसपास मैंथा तेल निकालने के लिए प्लांट लगाए। कुछ वर्षों के बाद ही मैंथा तेल के भाव गिरते चले गए। पहले इसका मूल्य दो से तीन हजार रुपये लीटर था। अब यह 200 से 300 रुपये लीटर तक आ गए। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ा। किसानों का कहना है कि लेवर खर्च, तेल पानी का खर्च भी न निकल पाने के कारण किसानों का रुझान मैंथा की खेती से हटता चला गया। धीरे-धीरे मैंथा की खेती चौपट होती चली गई।

कबाडे़ में बेचने पडे़ कीमती प्लांट
किसानों का कहना है कि तेल निकलवाने के लिए उन्हें 20 से 30 किलोमीटर तक ट्रैक्टर ट्रॉलियों में मैंथा लादकर जाना पड़ता था। तेल को बेचने अमरोहा मंडी तक ले जाने में बड़ी परेशानी उठानी पड़ती थी। वहां भी उचित दाम नहीं मिलने से किसान की माली हालत खस्ता होती चली गई। किसानों ने यह खेती बंद की तो प्लांट लगाने वाले किसानों ने लाखों में लगने वाले प्लांटों को कबाड़ के भाव बेच डाला। इस कारण क्षेत्र में मात्र चार प्लांट बचे हैं। जो खत्म होनेके कगार पर हैं। किसानों ने बताया कि ठेके पर जमीन लेकर मैंथा उगाने वालों को दो लीटर तेल प्रति बीघा जमींदार को देना पड़ता था। मैंथा तेल निकालने पर आने वाली तीव्र गंध के कारण लेबर न मिलना एक गंभीर समस्या है। किसानों ने बताया कि उनके क्षेत्र की भूमि नम प्रवृति की होने से खेत वर्षा होने पर बारिश का पानी जल्द नहीं सोख पाते हैं। जिससे मैंथा का पौधा गल जाता है और तेल जमीन में चला जाता है। इससे खासा नुकसान किसान को होता है।

मैंथा की खेती पर एक नजर
मैंथा की बुवाई-कटाई का समय : फरवरी मार्च में बोकर लगभग जून में तैयार हो जाता है। लगभग 90 दिन की खेती होती है। मैंथा की बुवाई : एक बीघा की कुल लागत तीन से चार हजार रुपये तक आती है। मैथा की पैदावार : एक बीघा के खेत की अच्छी फसल में 20 से 25 लीटर तेल निकल जाता है। मैंथा तेल निकलवाने में लागत 50 से100 रुपये प्रति लीटर तक आती है। मैंथा की अच्छी पैदवार व मुनाफ़ा लेने के लिए मौसम की अनुकूलता जरूरी है। ज्यादा वर्षा होने पर मैंथा की खेती को नुकसान हो जाता है। साथ ही फसल काटने के एक दिन पूर्व खेतों में यूरिया खाद डालें ताकी जमीन खुश्क हो जाए और तेल ऊपर पत्तियों में आ जाए। अच्छी फसल लेने के लिए खेतों में दो बार निराई गुड़ाई समय अनुसार कराएं। घास न होने दें। इस तरह किसान मैंथा की फसल से अच्छा लाभ ले सकता है।
पांच से पचास एकड़ तक पहुंचा क्षेत्रफल
काफी वर्ष के बाद गत वर्ष मैंथा तेल के भाव कुछ ठीक आए तो किसानों ने फिर इस ओर रुख करना प्रारंभ कर दिया है। जिसके चलते पिछले वर्ष क्षेत्र में दस पांच एकड़ मैंथा की खेती की गई। इस वर्ष बढ़कर 50 एकड़ तक पहुंच गई है। किसानों का कहना है दाम सही मिले तो फिर से क्षेत्र में किसान बड़े स्तर पर मैंथा की खेती करेंगे। क्षेत्र के किसान लक्ष्मण सिंह का कहना है कि उन्होंने 2002 में तेल निकालने का प्लांट भी लगाया। मैंथा की खेती भी की, किंतु तेल के खरीदार और सही दाम न मिलने से उन्होंने खेती छोड़ दी। इसी गांव के किसान होशियार सिंह ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष मैंथा तेल के दाम ठीक आने से करीब छह बीघा मैंथा  बोया है। हरजीत सिंह ने बताया कि अब से तीन वर्ष पूर्व मैंथा बोना छोड़ दिया। बताया कि थोड़ी वर्षा से भी मैंथा की खेती को नुकसान हो जाता है, क्योंकि हमारे यहां की जमीन जल्द पानी नहीं सोखती है। गांव के किसान पवन कुमार ने इस वर्ष फिर से मैंथा की फसल लगाई  है, साथ ही आज भी मैंथा प्लांट अपने खेत में लगा रखा है। दाम ठीक मिले तो आगे भी मैंथा बोएंगे।

Recommended

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए
Lovely Professional University

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए

जानिए जल्दी से सरकारी नौकरी पाने के उपाय।
Astrology

जानिए जल्दी से सरकारी नौकरी पाने के उपाय।

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Meerut

भारत-पाकिस्तान के महामुकाबले में टीम इंडिया की जीत के लिए मेरठ में फैंस ने किया हवन

क्रिकेट प्रेमी जहां स्क्रीन पर आंखे गड़ाए हुए हैं। वहीं मेरठ में टीम इंडिया के फैंस भारत की जीत की दुआ कर रहे हैं। 

16 जून 2019

विज्ञापन

मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत पर हो रही थी प्रेस कॉन्फ्रेंस, लेकिन सो रहे थे मंत्री जी

रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने मुजफ्फरपुर के अस्पतालों का जायजा लिया। उन्होंनें दिमागी बुखार से पीड़ित बच्चों से मुलाकात भी की। इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की।

17 जून 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
सबसे तेज अनुभव के लिए
अमर उजाला लाइट ऐप चुनें
Add to Home Screen
Election