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सीडीओ मांग रहे मातादीन की शहादत का प्रमाण

Bijnor Updated Tue, 26 Mar 2013 05:31 AM IST
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मेरठ। जंग-ए-आजादी के अमर बलदानियों का यह अपमान नहीं तो और क्या है। 1857 में जिन मातादीन वाल्मीकि ने फिरंगी फौज से बगावत करके नाम इतिहास में अमर करा दिया, उनके स्वतंत्रता सेनानी होने की तस्दीक के लिए सीडीओ ने आदेश जारी किया है। प्रशासन इस रवैये से अमर शहीद की स्मृति में गेट बनाने को विधायक निधि का प्रस्ताव मेज-दर-मेज धक्के खा रहा है। अफसर वे तमाम सरकारी दस्तावेज नहीं पढ़ पा रहे जिनमें मातादीन की शहादत दर्ज है।
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मेरठ छावनी में 24 अप्रैल 1857 की सुबह तीसरी लाइट कैवेलरी रेजीमेंट के 85 सैनिकों ने चर्बी लगे कारतूस मुंह से खोलने से इनकार कर दिया था। अंग्रेेजी हुकूमत के विरुद्ध इस बगावत के बाद देश में क्रांति भड़क उठी थी। इन सैनिकों को विक्टोरिया पार्क जेल में डाल दिया था। जिन्हें 10 मई 1857 को जेल तोड़कर छुड़ाया गया था। इन 85 सैनिकों की सूची में सबसे पहला नाम हवलदार मातादीन वाल्मीकि का है। शहर में क्रांति स्मारक, स्वाधीनता संग्राम सेनानी संग्रहालय में लगे शिलापटों पर इन क्रांतिकारियों के नाम अंकित हैं। सूची में सबसे ऊपर हवलदार मातादीन अंकित हैं। वहीं स्वाधीनता संग्राम संग्रहालय में मौजूद पुस्तकें ‘साझी शहादत के कुछ फूल 1857’, ‘महान दलित क्रांतिकारी योद्धा मातादीन’, ‘1857 की क्रांति में दलितों का योगदान’ तथा ‘भारत सरकार शिक्षा तथा समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा स्वीकृत पुस्तक मेरठ में 1857 के विद्रोह का आरंभ’ पुस्तकों में मातादीन की वीरगाथा दर्ज है।
क्रांतिकारी मातादीन की स्मृति में रविंद्रपुरी सदर वाल्मीकि मार्ग पर द्वार बनाने का प्रस्ताव सीडीओ को विधायक निधि से कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल द्वारा 31 दिसंबर को भेजा गया था। इसकी सांसद राजेंद्र अग्रवाल सिफारिश कर चुके हैं। इस संबंध में आरईएस के परियोजना निदेशक के पत्र पर कैंट बोर्ड के मुख्य अधिशासी अधिकारी 11 फरवरी को अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी कर चुके हैं। इसके बावजूद सीडीओ ने शहीदों की सूची तलब की है। जिससे आजादी की अलख जगाने वाले शहीदों की सूची में मातादीन वाल्मीकि के नाम की तस्दीक की जा सके। इस संबंध में सीडीओ से बात करने का प्रयास किया लेकिन, उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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यह दुखद है कि प्रशासनिक अधिकारी क्रांतिकारी मातादीन को नहीं जानते। इससे भी शर्मनाक बात यह है कि उनकी शहादत का प्रमाण मांगा जा रहा है। मैं इस मुद्दे को विधानसभा में उठाऊंगा। -सत्यप्रकाश अग्रवाल, विधायक मेरठ कैंट
प्रशासन शहीदों का अपमान कराता आ रहा है। पहले भी अंग्रेजी हुकूमत के अधिकारियों का शिलापट लगाने आए उनके परिजनों से क्रांतिकारियों का अपमान कराया था। अब मातादीन की शहादत का प्रमाण मांग शर्मसार कर दिया है। -संदीप पहल, अध्यक्ष सच संस्था
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