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Bijnor Updated Tue, 12 Feb 2013 05:30 AM IST
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बिजनौर। सुंदर भाटी गैंग ने नरेंद्र रावण को ठिकाने लगाने का पहले से ही ताना-बाना बुन रखा था। जब से नरेंद्र बिजनौर जेल में आया था, यह गैंग उसे ठिकाने लगाने की फिराक में लगा था। इसके लिए उसे मौके की तलाश थी। सोमवार को मौका मिलते ही सुंदर भाटी गैंग के शूटरों ने उसका काम तमाम कर दिया।
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16 दिसंबर को जबसे नरेंद्र रावण बिजनौर जेल आया था, सुंदर भाटी गैंग उसे ठिकाने लगाने की फिराक में लग गया था। बिजनौर से नरेंद्र कई बार मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर व फरीदाबाद पेशी पर गया। सूत्रों के मुताबिक सुंदर भाटी गैंग नरेंद्र के पेशी पर जाने की पल-पल खबर रख रहा था। इस काम के लिए सुंदर ने अपने शूटर लगा रखे थे। गैंग के शूटर उसे ठिकाने लगाने का मौका तलाश रहे थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस काम के लिए गैंग के शूटर कई दिन तक बिजनौर में डेरा भी डाले रहे, पर उन्हें मौका नहीं मिला। सोमवार को नरेंद्र रावण पौने आठ बजे पुलिस अभिरक्षा में जेल से बाहर आया। बदमाश पहले से ही उसकी तलाश में घात लगाए बैठे थे। मौका मिलते ही बदमाशों ने उसे गोली से उड़ा दिया।

कार से आए थे चार बदमाश
कार में चार बदमाश सवार थे। दो नरेंद्र को ठिकाने लगाने के लिए कार से पिस्टल लेकर उतरे और पुलिस के घेरे में उस पर गोली चलाई। एक गोली ने ही नरेंद्र का काम तमाम कर दिया। बाकी कार में सवार दो बदमाश कवरिंग फायर देने के लिए अलर्ट रहे। पुलिस के जवाबी फायर करते ही कार सवार बदमाशों ने कारबाइन से गोलियों की बौछार कर दी। पुलिस ने भी उन पर गोली चलाई, पर बदमाश भाग निकले।
ठिकाने लगाने का सही समय चुना
नरेंद्र रावण को ठिकाने लगाने वाले बदमाशों ने सुबह का अच्छा समय चुना था। शूटरों को मालूम था कि सवेरे के समय बस स्टैंड पर ज्यादा भीड़भाड़ और पुलिस भी तैनात नहीं रहती। इसी का फायदा उठाकर उन्होंने नरेंद्र को ठिकाने लगाने की ठानी और अपने मकसद में कामयाब रहे। हथियारों से लैस शूटर पूरी तैयारी के साथ आए थे।
ताबड़तोड़ फायरिंग से लोग सहमे
रोडवेज बस स्टैंड पर ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज से लोग सहम उठे। उनकी समझ में नहीं आया कि माजरा क्या है। गोलियों की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर झांकने लगे। इस दौरान रोडवेज बस स्टैंड पर भगदड़ मची रही और लोग दुकानों में जा घुसे। कुछ समय बाद ही बस स्टैंड के आसपास सन्नाटा पसर गया। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद ही लोग बाहर आए और उन्हें पता चला माजरा क्या है।
मौके से नौ एमएम का पिस्टल मिला
पुलिस के हाथों मारे गए बदमाश के पास से नौ एमएम का पिस्टल बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक आर्मी या पुलिस के पास ही यह पिस्टल मिलता है।
अलग-अलग पडे़ थे दोनों शव
घटना के बाद नरेंद्र रावण का शव बस स्टैंड के गेट पर पड़ा था तो पुलिस के हाथों मारे गए बदमाश का शव बाहर चौराहे पर। बदमाश के सीने में व नरेंद्र रावण की पीठ पर गोली लगी हुई थी। दोनों को एक-एक गोली लगी मिली है। लोग यह देख हैरत में थे कि गोली तो चली ताबड़तोड़ पर दोनों को एक-एक गोली लगी।
फूंक-फूंक कर कदम रख रहा था सिपाही वीरपाल
नरेंद्र को पेशी पर ले जाने वाला सिपाही वीरपाल सिंह यादव पहले से ही चौकस था। पिछले दिनों जजी में उसकी आंखों में मिर्च झोंककर शातिर विपिन सैनी फरार हो गया था। वीरपाल ने विपिन को पकड़वा कर ही दम लिया। वीरपाल को जब पता चला कि उसे नरेंद्र रावण को पेशी पर ले जाना है तो वह चौकस हो गया। उसने साथी तीनों सिपाहियों से कहा कि नरेंद्र पर हमला हो सकता है इसीलिए उसे घेरे में लेकर चला। सवेरे आठ बजे वाली बस में उसे ले जाने का प्लान था। वीरपाल को छोड़ बाकी तीनों सिपाही नए थे। नरेंद्र को जब बस में बैठाने की तैयारी हुई तभी पीछे से उस पर बदमाशों ने गोली चला दी। वीरपाल ने बदमाशों पर रायफल तान ली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस की ओर पिस्टल ताने दो बदमाश पीछे की ओर चलते रहे। वीरपाल बहादुरी के साथ सिपाहियों का हौसला बढ़ाता रहा। उसने एक बदमाश के सीने में रायफल से गोली उतार दी। बाद में पुलिसकर्मियों ने दूसरे बदमाश पर गोली चला दी। घायल यह बदमाश साथियों के साथ भाग निकला। पहले पुलिस को लगा कि घायल बदमाश आसपास ही छिपा होगा। इसकी ढूंढ भी हुई, पर वह नहीं मिला। तब पुलिस को पता चला कि घायल बदमाश भी फरार हो गया।
वीरपाल होगा पुरस्कृत
एसपी सुनील चंद वाजपेयी के मुताबिक सिपाही वीरपाल की बहादुरी के कारण एक बदमाश मारा गया। वीरपाल को वीरता पुरस्कार दिलाने के साथ आउट आफ टर्न प्रमोशन के लिए शासन को लिखा जाएगा। उन्होंने बताया कि वीरपाल हिम्मत से काम न लेता तो सभी बदमाश भाग जाते।
परिचालक का आपरेशन हुआ
रिक्शा चालक राजेंद्र के कूल्हे व बस परिचालक पुष्पेंद्र कुमार की पीठ में गोली लगी है। पुष्पेंद्र कुमार का मेरठ के एक अस्पताल में आपरेशन हुआ है।
कई और बदमाश आए बिजनौर जेल
मुजफ्फरनगर की जेल से अकेले नरेंद्र रावण को ही बिजनौर जेल नहीं भेजा गया था। एक-एक करके वहां से रिजवान नूर इलाही, राजपाल, हरफूल विदित व एक अन्य बदमाश को बिजनौर जेल भेजा गया है। बाकी बदमाश अभी बिजनौर जेल में ही हैं।

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