...तू आस्तीन में खंजर संभालकर रखना

Bijnor Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
नहटौर । शायर हिलाल स्योहारवी की याद में आयोजित मुशायरे में शायरों ने कलाम के द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुहल्ला मीरा की सराय में आयोजित मुशायरे का आगाज शम्स नहटौरी की नाते पाक से हुआ। इसमें मोहतरमा अंजुम देहलवी ने फर्माया - हम तो किसी गरीब की कुटिया के नूर थे, हालात हमको आपकी महफिल में लाये हैं।
ऐजाज धामपुरी के ये शेर खूब पंसद किए, छलक न जाये सागर संभालकर रखना, गुजिश्ता दौर के मंजर संभालकर रखना। मुझे ये जिद हैं न छोड़ू़ वफा का मैं दामन, तू आस्तीन में खंजर संभालकर रखना।। शफी शाद ने फर्माया, ये मेरी सुबह भी रोशन हैं नाम से उनके । उसी के दम से मेरी शाम जाफरानी हैं। अतीक माहिर स्योहरवी का यह शेर कई बार सुना गया- भूख की शिद्दत से बच्चे लबे दम हो गये, मुफलिसी तुझ को बता में अपने घर कब तक रखूं।
शम्स नहटौरी ने कहा, भूल जाऊं या उनको याद रखूं। मुझसे ये फैसला नहीं होता। शायर सादिक चांद ने गुदगुदाया कि सबसे जुदा हैं, सबसे अलग हैं मेरी गजलों का म्यार। मेरे हर एक शेर पे होती जूते चप्पल की बौछार। अल्ताफ नहटौरी ने कहा कि जाने किस बात पे मुझको सजा देता रहा। मैं जिसे हर रोज जीने की दुआ देता रहा । मुशायरे में जाबिर ,अनवर सिद्दीकी, सलीम सिद्दीकी, अकील, इकराम, हाफिज सरताज, वाजिद, शाहिद आदि ने भाग लिया। मुशायरे का संचालन अनवर सिद्दीकी ने किया।

Spotlight

Most Read

Rampur

टेक्सटाइल्स की जमीन पर फिर अवैध कब्जे

रजा टेक्सटाइल्स की जमीन पर सप्ताह भर के भीतर ही फिर से अवैध कब्जे कर लिए गए। अवैध कब्जे को लेकर पुलिस व प्रशासन से मामले की शिकायत की गई है।

20 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: बिजनौर में दिखा पुलिस की नाकामी का सबसे बड़ा सबूत

यूपी के बिजनौर में एक लाख के इनामी बदमाश आदित्य और उसके एक साथी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। कोर्ट ने दोनों को बिजनौर जेल भेज दिया है। कुख्यात आदित्य और उसके साथी ने लॉडी मर्डर केस में सरेंडर किया है।

11 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper