नहीं मिला शिक्षक का दर्जा

Bijnor Updated Mon, 08 Oct 2012 12:00 PM IST
कालागढ़। शिक्षा विभाग में वित्तविहीन स्कूलों के टीचरों को शिक्षक का दर्जा दिए जाने की अर्जी विभाग के कार्यालयों में फाइलों में दब गई हैं। जिससे वित्तविहीन शिक्षकों के भविष्य पर प्रश्न चिह्न लग गया है।
लगभग आठ माह पूर्व सूबे के सभी वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को शिक्षक का दर्जा दिए जाने को आवेदन मांगे गए थे। जिन्हें जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालयों में जमा किया गया था। इन का डाटा सीडी में कर जेडी कार्यालय को भेजा गया था, मगर सरकार के बदलते ही सारी कवायद पर पानी फिर गया। जहां प्रदेश में 72 हजार शिक्षकों के पद भरने, शिक्षामित्राें को शिक्षक बनाने ओर बीटीसी शिक्षकों को शिक्षक बनाने की कवायद चल रही है वहीं वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों की ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं है।
रामकुमार, रामवीर सिंह, कमलवीर सिंह, रविता, निर्मला, नीलम, कामना आदि शिक्षकों का कहना है कि उन्हें इन स्कूल में नौकरी करते हुए कई साल हो गए हैं और आज भी शिक्षक का दर्जा नहीं मिला है। किसी तरह से माध्यमिक शिक्षक संघ को हमारा ध्यान आया तो हमारे आवेदन मांगे गए। वह भी मात्र फाइलों में ही दब कर दम तोड़ गईं। डीआईओएस शशि देवी का कहना है कि मामले में जब भी कोई जानकारी उच्च स्तर से मांगी जाएगी तो वह उसे शासन को भेजी जाएगी।

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