आखिर कब दौड़ेंगी विद्युत निगम की योजनाएं?

Bijnor Updated Tue, 21 Aug 2012 12:00 PM IST
बिजनौर। जिले में बिजली व्यवस्था चकाचक करने के लिए शुरू की गई निगम की ज्यादातर योजनाएं दम तोड़ रही हैं। योजनाओं की कछुवा चाल और निगम के ढुलमुल रवैये के चलते बिजली सिस्टम को दुरुस्त करने का सपना परवान नहीं चढ़ पा रहा है।
बिजली संकट को लेकर हाहाकार मचा हुआ है, जो बिजली जिले को मिल रही है वह भी सही तरीके से उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रही है। कहीं पर ट्रांसफार्मर ओवरलोड है तो कहीं पर तार जर्जर है। कभी ट्रांसफार्मर फुंक जाता है तो कभी तार टूटकर नीचे गिर जाता है और बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। अभी भी काफी संख्या में ऐसे गांव हैं जो बिजली के उजाले को तरस रहे हैं। इन सभी समस्याओं के निदान के लिए विद्युत निगम द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही है। पहली फीडर विभक्तिकरण, जिले में तीन सौ करोड़ रुपये की लागत से फीडर विभक्तिकरण का काम होना है। इस योजना में आबादी व नलकूप को अलग अलग फीडर से बिजली दी जानी है, जिससे ओवरलोड की समस्या दूर हो और आबादी क्षेत्र को शेडयूल के मुताबिक समय पर बिजली मिल सके, लेकिन योजना के लिए सर्वे कई बार हो चुका है, मगर अभी तक धरातल पर कुछ भी नहीं हो पाया है। योजना पर काम तीन साल से चल रहा है। आरपीआरपी योजना में भी अभी केवल बिजनौर और नजीबाबाद में ही काम शुरू हो पाया है, जबकि नूरपुर, स्योहारा, शेरकोट, धामपुर, चांदपुर, नगीना आदि शहरों में यह योजना शुरू ही नहीं हुई है। इस योजना के तहत बिजली निगम के दफ्तरों को कंप्यूट्रीकृत करने और ट्रांसफार्मर पर मीटर लगाकर बिजली रोकने समेत कई काम होने थे मगर अभी योजना कोई खास तरक्की नहीं कर पाई है। यह योजना भी पिछले तीन साल से अधिक अवधि से चल रही है। आरएपीडीआरपी पार्ट बी में शहरी क्षेत्रों में ओवरलोड ट्रांसफार्मर का लोड कम करने के लिए नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने थे, बिजनौर नगर में 60 नए ट्रांसफार्मर लगने हैं, लेकिन अभी तक एक भी ट्रांसफार्मर नहीं लगा है। जिससे आपूर्ति सुचारु नहीं हो पा रही है। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत जिले भर में सैकड़ों गांव में विद्युतीकरण होना है, लेकिन सर्वे पूरा होने के बाद भी अभी काम शुरू नहीं हुआ। स्वाहेड़ी में 400 केवीए क्षमता का बिजलीघर बनाकर जिले को निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति की योजना है। जमीन भी मिल चुकी है, मगर तीन साल से मामला पैंडिंग पड़ा है। मसीत, अलाउद्दीनपुर, राजपुर नवादा, नांगल जट, लदुपुरा समेत आठ बिजलीघर निर्माणाधीन है, निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी अभी तक बिजलीघर नहीं बन सके। निर्माण एजेंसी के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। योजनाएं की क छुआ चाल के कारण जिले के उपभोक्ताओं को मिलने वाली बिजली भी उन तक नहीं पहुंच रही है।
अधिकारी कहिन
एसई पीके सिंह का कहना है कि सभी योजनाओं पर काम चल रहा है। बिजलीघरों के जल्द निर्माण के लिए निर्माण एजेंसी को लिखा गया है। योजनाओं के लिए टैंडर एमडी ऑफिस से होते है, उसी के बाद काम शुरू होता है।

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