विज्ञापन

पर्यावरण मंत्रालय की चाबुक से बाहर पुराने टावर

Bijnor Updated Tue, 21 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
बिजनौर। आबादी क्षेत्रों में पहले से ही लगे मोबाइल टावर पर्यावरण मंत्रालय की चाबुक से बचते नजर आ रहे हैं। नए मोबाइल टावर लगाने को लेकर पर्यावरण मंत्रालय की नई नीति में भले ही टावर से टावर की दूरी एक किलोमीटर निर्धारित कर दी गई हो, लेकिन शहर में कुकुरमुत्तों की तरह लगे मोबाइल टावर पर इसका कोई असर नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोबाइल सिग्नल टावर बनाने वाली कंपनियों को अब नए टावर लगाने के लिए आसपास मौजूद टावर से दूरी एक किलोमीटर रखनी होगी। पर्यावरण मंत्रालय द्वारा बनाए गए नए नियम में केवल नए मोबाइल टावर के निर्माण को ही शामिल किया गया है। पुराने टावरों पर इसका कोई असर नहीं है, जबकि शहर में नजर डालें तो मकानों की छतों व सड़क किनारे आबादी क्षेत्र में कदम-कदम पर टावर लगे हुए हैं। ज्यादातर कंपनियां पहले ही टावर लगा चुकी हैं, नई कंपनियां खुद टावर लगाने के बजाए पुराने टावरों पर ही कंट्रेक्ट बेस के आधार पर अपने सिस्टम लगा रही हैं। शहर में लगे पुराने टावर पर यह नियम लागू नहीं होने से अभी भी लोगों पर मंडरा रहा रेडिएशन व भूकंप के दौरान हादसे का खतरा कम नहीं हुआ है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की मानें तो मोबाइल से होने वाले रेडिएशन से लोगों को कैंसर जैसी भयंकर बीमारी हो रही है। उधर बिजनौर भूकंप को लेकर अतिसंवेदनशील श्रेणी में है। मकानों की छतों पर लगे टावरों से भूकंप के दौरान बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजय शर्मा का कहना है कि पुराने टावर पर यह नियम लागू होगा या नहीं इस संबंध में अभी कोई लिखित निर्देश नहीं आया है। फिलहाल नए टावरों पर ही यह नियम लागू होगा। वह भी मानते हैं कि मोबाइलटावर से होने वाले रेडिएशन से भयंकर बीमारी हो रही हैं।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Bijnor

अमर उजाला में खबर छपते ही ब्लाक शौचालयों में लटके ताले खुले, ग्रामीणों ने बोला धन्यवाद अमर उजाला

अमर उजाला में खबर छपते ही ब्लाक शौचालयों में लटके ताले खुले, ग्रामीणों ने बोला धन्यवाद अमर उजाला

15 दिसंबर 2018

विज्ञापन

दिव्यांग राजू की राजनीतिक दलों को खुली चुनौती

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के तकवा गांव में एक दिव्यांग राजू रहते हैं। राजू पॉलिटिकल पार्टीज से काफी नाराज हैं क्योंकि कोई भी पार्टी दिव्यांगों के लिए कुछ नहीं करती और इसीलिए राजू इन पॉलिटिकल पार्टीज को चुनौती देने के मूड में हैं।

15 दिसंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree