मुफलिसी में जी रहा है जीवनदाता

Bijnor Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
नांगलसोती। सर्पदंश से पीड़ित लोगों का मुफ्त उपचार कर कई लोगों की जीवन रक्षा कर चुका इदरीस इन दिनों मुफलिसी में जीवन गुजार रहा है। आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाने के कारण दो वक्त की रोटी का जुगाड़ करना भी परिवार के सदस्यों के लिए दूभर हो रहा है।
विज्ञापन

गांव सौफतपुर निवासी इदरीस का परिवार का पुश्तैनी कार्य सर्पदंश से पीड़ित लोगों का उपचार करना है। इदरीस जड़ी बूटियों के माध्यम से नि: शुल्क उपचार करता है। लगभग दो दशक से सर्पदंश के पीड़ितों का इलाज कर रहे इदरीस के पास आजीविका का कोई साधन नहीं है। प्रधान की ओर से उसका मनरेगा योजना के तहत जॉबकार्ड बनवाया गया है। कई बार सर्पदंश का इलाज करने में व्यस्त होने पर वह मजदूरी पर नहीं जा पाता। इन दिनों परिवार को दो जून की रोटी भी मुश्किल से मिल पा रही है। इदरीस के अनुसार उसके परदादा के समय से सर्पदंश पीड़ितों का नि:स्वार्थ उपचार करना परिवार की परंपरा बन गई है।
इदरीस को सर्पदंश के उपचार में काम आने वाली जड़ी-बूटियों की विशेष परख है। इदरीस का कहना है कि उसे अब तक कई लोगों की जिंदगी बचाने की खुशी है, लेकिन तंगहाली से जूझ रहे परिवार को देखकर उसे दुख होता है। उसके चार बच्चे है, जिनकी पढ़ाई छूट चुकी है। परिवार आज भी कच्चे मकान में रहता है। बीपीएल सूची में होने के बाद भी उसे सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us