विज्ञापन
विज्ञापन

वीआरएस भुगतान में घोटाला

Bijnor Updated Sun, 01 Jul 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
बिजनौर। सन दो हजार में कताई मिल नगीना के बंद होने के बाद उसके कर्मचारियों को दिए जाने वाले वीआरएस में खेल हो गया। लगभग डेढ़ सौ कर्मचारियों के वीआरएस का पैसा कानपुर मुख्यालय मेें बैठे वे अधिकारी और कर्मचारी निकालकर खा गए, जिन्हें इसके भुगतान की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मृत कर्मचारियों को जीवित दिखाकर उनका भुगतान भी ले लिया गया। पात्र जहां वीआरएस पाने को भटकते रहे, वहीं अपात्रों के नाम भुगतान हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश की छह कताई मिल नगीना (बिजनौर), इटावा, मधई-संतकबीर नगर ,सीतापुर, कंपिल -फरूखाबाद और बुलंदशहर को लगातार घाटा आने के कारण बंद कर दिया गया था। सन 2003 में सरकार ने कताई मिल कर्मचारियों के वीआरएस की राशि भुगतान करने के लिए करीब 36 करोड़ रुपये यूपी कारपोरेशन स्पीनिंग मिल फेडरेशन के कानपुर मुख्यालय को दिया। सन 2004 में फेडरेशन की सर्वोदयनगर की शाखा सीतापुर का कार्यभार महाप्रबंधक, वित्त अधिकारी, सचिव ज्ञानेंद्र शुक्ला को सौंपा गया। उन्होंने और उनकी टीम ने वीआरएस की राशि का भुगतान किया। कताई मिल कर्मचारी संगठन आरोप लगाते रहे कि वीआरएस की राशि के भुगतान में बड़ा घोटाला हो रहा है। नियम के अनुसार 40 साल की उम्र और दस साल की मिल की सेवा पूरी करने वाले ही वीआरएस लेने के पात्र हैं लेकिन ऐसे लोगों को भी वीआरएस की राशि का भुगतान दे दिया गया जिनकी सेवा दो साल थी। नगीना कर्मचारी संघर्ष यूनियन नगीना के अध्यक्ष श्रीराम सिंह सहित सभी कताई मिलों के कर्मचारी नेता इस घोटाले की लंबे समय से जांच की मांग कर रहे हैं।
करीब दो साल पूर्व यूपी कारपोरेशन स्पीनिंग मिल फेडरेशन कानपुर मुख्यालय के कर्मचारी नाजिर एपी सिंह, क्लर्क रिजवान खान, क्लर्क केके सैनी और कैशियर बलबीर सिंह ने प्रमुख सचिव अवस्थान और औद्योगिक विकास से शिकायत की है कि फेडरेशन के महाप्रबंधक ज्ञानेद्र शुक्ला ने कर्मचारियों के वीआरएस के नाम पर करोड़ों रुपये का गबन कर लिया। मरने वाले कर्मचारियों को जीवित दिखाकर भी उनका धन निकाल लिया गया है। शासन ने इस प्रकरण की जांच डीएम कानपुर को सौंपी, डीएम कानपुर के निर्देश पर ये जांच सीडीओ कानपुर नगर राजेंद्र कुमार ने की। उन्हें जांच में पता चला कि कताई मिल संघ के तत्कालीन महाप्रबंधक और सचिव ज्ञानेंद्र शुक्ला ने अन्य कर्मचारियों से मिलकर इस मामले में बड़ा घोटाला किया है। शिकायतकर्ता रिजवान अहमद ने बताया कि बिजनौर की नगीना कताई मिल के लगभग 150 कर्मचारियों के वीआरएस का पैसा हड़प लिया गया है। इतना ही नहीं मर चुके कर्मचारियों को जिंदा दिखाकर भी पैसा निकाल लिया गया। श्रीराम सिंह ने बताया कि मिल बंद होने के समय लगभग एक हजार स्थायी और 1200 अस्थायी कर्मचारी कार्यरत थे। मिल कर्मचारियों को लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण काफी कर्मचारी लगातार अनुपस्थित चल रहे थे। वीआरएस लेने के लिए जरूरी था कि मिल बंदी से पूर्व कर्मचारी ड्यूटी पर रहा हो। बीमारी के कारण अनुपस्थित कर्मचारी के लिए शर्त थी कि उसकी अनुपस्थिति की अवधि का बीमारी का प्रमाणपत्र किसी एमबीबीएस डाक्टर द्वारा जारी और सीएमओ द्वारा काउंटर साइन किया प्रस्तुत करने पर ही भुगतान हो सकेगा। इस आदेश का लाभ उठाकर लंबा खेल किया गया। पात्र आज तक भुगतान को परेशान हैं।

Recommended

UP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।
UP Board 2019

UP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।

क्या आप इसका उपयुक्त समाधान नहीं खोज पा रहे हैं? ज्योतिष शास्त्र द्वारा अपने प्रश्न का उत्तर जानिए
ज्योतिष समाधान

क्या आप इसका उपयुक्त समाधान नहीं खोज पा रहे हैं? ज्योतिष शास्त्र द्वारा अपने प्रश्न का उत्तर जानिए

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

लोकसभा चुनाव में किस सीट पर बदल रहे समीकरण, कहां है दल बदल की सुगबुगाहट, राहुल गाँधी से लेकर नरेंद्र मोदी तक रैलियों का रेला, बयानों की बाढ़, मुद्दों की पड़ताल, लोकसभा चुनाव 2019 से जुड़े हर लाइव अपडेट के लिए पढ़ते रहे अमर उजाला चुनाव समाचार।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Meerut

लोकसभा चुनाव 2019: तीसरे चरण का मतदान संपन्न, यहां शाम 6 बजे तक 65.38 फीसदी वोटिंग

मुरादाबाद लोकसभा की बढ़ापुर विधानसभा पर 65.38 प्रतिशत मतदान हुआ। 2014 के लोकसभा चुनाव के मुकाबले इस बार मतदान 0.34 प्रतिशत अधिक हुआ है।

23 अप्रैल 2019

विज्ञापन

अलीगढ़ के रोडवेज दफ्तर में छलके जाम, वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अलीगढ़ डिपो में कर्मचारियों के शराब पीने का वीडियो हुआ वायरल। देखें वीडियो।

21 अप्रैल 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election