विज्ञापन
विज्ञापन

अब पुलिस कराएगी समितियों के बकाया की वसूली

Meerut Bureauमेरठ ब्यूरो Updated Tue, 18 Jun 2019 12:32 AM IST
ख़बर सुनें
अब पुलिस कराएगी समितियों के बकाया की वसूली
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। जिले की सहकारी समितियों की बकाया वसूलयाबी का समय समाप्त होने में तेरह दिन बचे हैं। समितियों की वसूलयाबी की स्थिति खराब है। अब पुलिस समितियों की बकाया वसूलयाबी कराएगी। वसूली अभियान चलाने के लिए सहकारिता विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है।
सहकारी समितियों के बकाया की वसूलयाबी 30 जून तक होनी है। डीएम सुजीत कुमार रोजाना वसूलयाबी की स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। सहायक निबंधक अमित कुमार त्यागी गांव-गांव जाकर लोगों को बकाया जमा करने के लिए कह रहे हैं। तमाम कोशिशों के बावजूद 679 करोड़ बकाया वसूलयाबी के सापेक्ष मात्र 335 रुपये करोड़ की वसूलयाबी हुई है। शासन ने जिले की खराब स्थिति पर कड़ा रुख अपनाया है। संयुक्त आयुक्त सहकारिता ने हिदायत दी है कि जिन समितियों की स्थिति बेहद खराब है वहां वसूलयाबी में पुलिस का साथ लें। बकाया वसूलयाबी हर हाल में होनी चाहिए। सहायक निबंधक अमित कुमार त्यागी के अनुसार वसूलयाबी के लिए अलग से समितिवार दो-दो अधिकारियों की टीम बना दी गई है। शासन ने 30 जून तक सहकारिता विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियों पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

रविवार को खुलेंगे सहकारी समिति कार्यालय
सहायक निबंधक अमित कुमार त्यागी के अनुसार जिले की सभी 96 सहकारी समितियां, सहकारी बैंक, सहायक निबंधक दफ्तर रविवार और सार्वजनिक अवकाश में भी खुलेंगे। अधिकारी वसूलयाबी के लिए फील्ड में जाएंगे। रोजाना वसूलयाबी का स्टेटस बताएंगे। एआर दफ्तर के अनुसार शासन ने कह दिया है कि जिन सहकारी समितियों की बकाया वसूलयाबी की स्थिति बेहद खराब है तथा समितियों के एमडी वसूलयाबी की प्रगति नहीं दर्शाते हैं तो उनकी निलंबन की फाइल खोल दी जाए। ऐसे एमडी का 30 जून के बाद चार्ज छीनकर सस्पेंड किया जाए। विभाग ने ऐसे एमडी की लिस्ट तैयार करनी शुरू कर दी है।

कासमपुर गढ़ी सहकारी समिति सबसे फिसड्डी
सहकारिता विभाग के जिला सांख्यिकी अधिकारी सत्यपाल सिंह के अनुसार जिले की कासमपुरगढ़ी सहकारी समिति की बकाया वसूलयाबी सबसे फिसड्डी है। वहां मात्र 34.47 प्रतिशत रिकवरी हुई है। कालाखेड़ी, कादराबाद, महमूदपुर, काजमपुर, किवाड़, सहसपुर, बसैड़ा खुर्द समितियों की वसूलयाबी 50 प्रतिशत से कम है। बरूकी, हल्दौर, सिसौना, किरतपुर, मूंगरपुर, खंडसाल, अखैडा, हमीदपुर, चांदपुर, मुढाल, जलीलपुर, नूरपूर समितियों की वसूलयाबी 80 प्रतिशत को पार कर गई है। भरैरा, गजरौला अचपल, जसवंतपुर समिति वसूलयाबी में 90 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई हैं।

सौ फीसदी रिकवरी पर मिला प्रशस्ति पत्र
किसान सेवा सहकारी समिति शादीपुर ने शत प्रतिशत वसूलयाबी करके रिकार्ड बना दिया है। जिला सहकारी बैंक की ओर से समिति को प्रशस्ति पत्र दिया गया है। समिति ने सहकारी बैंक के 243 करोड़ का अपडेट भुगतान किया है। एआर अमित कुमार त्यागी ने कहा कि शादीपुर समिति अन्य समितियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

बड़े बकाएदार निशाने पर
शासन के रडार पर समितियों के एक लाख और पचास हजार से अधिक के बकाएदार हैं। जिले में एक लाख से अधिक के चार हजार से अधिक तथा पचास हजार के छह हजार से अधिक बकाएदार हैं। इन पर 114 करोड़ की देनदारी है। इन सभी प्रशासन की पैनी नजर है, बकाया अदा नहीं करने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Recommended

'अभिरुचि' एक नई पहल जो बना रही है छात्रों का भविष्य
Invertis university

'अभिरुचि' एक नई पहल जो बना रही है छात्रों का भविष्य

लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए इस सावन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक - 22/ जुलाई/2019
Astrology

लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए इस सावन महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में कराएं रुद्राभिषेक - 22/ जुलाई/2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Meerut

बिजनौर निवासी थे चंदौसी मुठभेड़ में मारे गए दोनों सिपाही, परिजनों में मचा कोहराम

यूपी के चंदौसी में हत्या के तीन आरोपियों को छुड़ाने के दौरान बदमाशों से मुठभेड़ में मारे गए दो पुलिसकर्मी बिजनौर जिले के रहने वाले थे। परिजनों में मचा कोहराम...

18 जुलाई 2019

विज्ञापन

मुकेश अंबानी ने बीते 11 साल में कभी नहीं बढ़ाई अपनी सैलरी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी की सैलरी से ज्यादा कंपनी में उनके रिश्तेदारों की सैलरी है। मुकेश अंबानी ने लगातार 11वें साल भी अपनी सैलरी में इजाफा नहीं किया है।

20 जुलाई 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree