अव्यवस्था के बीच ओवरब्रिज पर शुरू हुआ आवागमन

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Mon, 26 Oct 2020 07:39 PM IST
विज्ञापन
गोपीगंज में ओवरब्रिज चालू होने पर फर्राटा भरते वाहन।
गोपीगंज में ओवरब्रिज चालू होने पर फर्राटा भरते वाहन। - फोटो : BHADOHI

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
लालानगर। नगर में 50 पिलरों पर बनकर तैयार हुआ तीन किलोमीटर लंबा ओवरब्रिज रविवार को अव्यवस्थाओं के बीच चालू हो गया। ओवरब्रिज के चालू हो जाने से आम लोगों के साथ वाहनों चालकों को नगर में लगने वाले जाम के झाम से निजात तो मिल गई लेकिन निर्माण में बरती गई मानकों की अनदेखी में भविष्य में खतरा बन सकती है।
विज्ञापन

रविवार की दोपहर कार्यदायी संस्था और एनएचएआई से जुड़े अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर ओवरब्रिज पर आवागमन का शुभारंभ किया। सिक्सलेन के तहत ओवरब्रिज की नींव 2017 में रखी गई थी। तब से अब तक बीते समय में निर्माण के समय मानक के विपरीत बने डिवाइडर स्क्रैब के गिरने, स्थानीय चहेतों को निर्माण की जिम्मेदारी देने, गिट्टी, बालू, सरिया सामानों की गुणवत्ता कसौटी पर खरा न उतरने, लेपन आदि कार्यों में लापरवाही बरतने जैसे आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला लेकिन इसका असर न तो एनएचएआई पर कोई असर दिखा सका न कार्यदायी संस्था पर। ब्रिज के चालू होने के बाद भी नीचले सतह पर टूटे उपकरण और स्लैबों को मानक के अनुरूप न लगाने से लोग हतप्रभ हैं। क्षमता से अधिक लोडिंग का भार नवनिर्मित ब्रिज उठा सकेगा या नहीं यह समय ही बताएगा।
नगर निवासी सलीम, धर्मराज दुबे ने कहा कि ब्रिज के नीचे की स्थिति ठीक नहीं है। यहां कभी भी हादसे हो सकते हैं। परियोजना निदेशक एनएचएआई अश्वनी राय ने कहा कि ब्रिज को चालू करने से पहले सभी कसौटियों को परख कर ही हरी झंडी दी गई है। इस मौके पर प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीनिवास राव, टेक्निकल मैनेजर रामचंद्र, व्यापार मंडल के श्रीकांत जायसवाल आदि रहे।
अधर में लटका सर्विसलेन, नाला निर्माण
लालानगर। एनएचएआई की तमाम सख्तियों के बाद भी कार्यदायी संस्था अभी तक पांच किलोमीटर के दायरे में सर्विसलेन और नालों का निर्माण कराने में पसीना छोड़ रहा है। गोपीगंज नगर, गिराई पावर हाउस, मिर्जापुर रोड, गोपपुर, माधोरामपुर, घोसिया, माधोसिंह, जंगीगंज-धनतुलसी मोड़ आदि स्थानों पर अधूरे निर्माण का दृश्य देखने से यह साबित हो रहा है कि या तो मुआवजा वितरण में बरती गई अनदेखी या जानबूझ कर निर्माण कराने में हीलाहवाली की जा रही है। जबकि प्रतिदिन एनएचएआई के आधा दर्जन कर्मचारी कलेक्ट्रेट, सदर और औराई तहसील का चक्कर लगाते हैं लेकिन निर्माण कराने की ओर पहल न होने से जलनिकासी, आवागमन की समस्या का सामना आम लोगों को करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X