प्रधानमंत्री सिंचाई योजना में पकड़ी गई धांधली

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Sat, 26 Jan 2019 12:10 AM IST
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ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्रह्य भ्रष्टाचार रोकने की मुहिम पर अधिकारी पलीता मार रहे हैं। ताजा मामला जिले के डीघ ब्लॉक के दरवांसी गांव में सामने आया है। यहां प्रधानमंत्री सिंचाई योजना में उद्यान विभाग ने खेल कर दिया। लाभार्थी को योजना का लाभ नहीं मिला और विभाग ने सब्सिडी भी वापस ले ली। जांच शुरू हुई तो करीब नौ महीने बाद लाभार्थियों के यहां पाइप पहुंचाने के लिए अफसरों ने डेरा डाल दिया।
किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सरकार किसानों के हित को लेकर कई योजनाएं चला रही है। खाद, बीज संग जरूरी उपकरण तक 50 से 90 फीसदी तक अनुदान पर दिया जा रहा है। केंद्र सरकार प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत किसानों को स्प्रिंकलर सिस्टम, काली पाइप आदि का लाभ दे रहीहै। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं ऑनलाइन करने के बावजूद अफसर उसमें भी छेद कर देे रहे हैं। उद्यान विभाग की ओर से चलाई जा रही योजना में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। डीघ ब्लॉक के दरवांसी गांव की लाभार्थी पुष्पा देवी पत्नी नरेंद्र शंकर पटेल, विजयशंकर यादव, हीरावती देवी पत्नी हिंछलाल समेत 30 लोगों का चयन योजना के लिए हुआ। मार्च 2018 में सबको लाभान्वित करना था, लेकिन दिसंबर तक उन्हें काली पाइप नहीं दी गई। खास बात यह रही कि सब्सिडी की रकम उनके खाते में भेजकर बाद में विभाग के लोगों ने निकाल भी ली। विभाग की गड़बडी तब सामने आई जब नागमलपुर के किसान अशोक कुमार कुशवाहा, कसिदहां के ओम प्रकाश मौर्य और कलीपुर के पन्नालाल ने शासन स्तर पर शिकायत की। प्रमुख सचिव उद्यान ने मामले को संज्ञान में लिया। उनके निर्देश पर अपर निदेशक लखनऊ सर्वेश कुमार वर्मा मंडल में जांच के लिए पहुंचे। मिर्जापुर, सोनभद्र के साथ ही भदोही का सत्यापन शुरू हुआ तो महकमे में खलबली मच गई। जिन लाभार्थियों को योजना से संतृप्त बताया गया, जांच में पता चला कि वहां पाइप नहीं पहुंची है। मामला बढ़ता देख विभाग के अधिकारी दो दिनों से किसानों के यहां पाइप देने के लिए डेरा डाले हुए हैं, हालांकि किसान पाइप लेने से इंकार कर रहे हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर किया जाए तो जिले में एक हजार लोगों को योजना का लाभ दिया गया है। किसानों का कहना है कि दरवांसी, नागमलपुर, कसिदहां ही नहीं जिले के अन्य गांवों में भी गड़बड़ी हुई है। जिला उद्यान अधिकारी शैलेंद्र देव दुबे ने कहा कि किसानों का आरोप निराधार है। जिन किसानों ने बिल वाउचर दिया था, उनकी सब्सिडी समय पर लौटा दी गई थी। जिन किसानों का दस्तावेज मिलेगा, उनकी सब्सिडी भी वापस कर दी जाएगी।
विभाग का विवादों से रहा है नाता
ज्ञानपुर। उद्यान विभाग का विवादों से चोली दामन का नाता रहा। एक साल पूर्व उप निदेशक पंकज कुमार शुक्ला को एंटी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। इसमें उप निदेशक संग निरीक्षक इंद्रेश पांडेय पर भी मुकदमा दर्ज है। सूत्र बताते हैं कि उच्चाधिकारियों से तालमेल बिठाकर जिले में भी गड़बड़ी की जा रही थी।
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