बसपा के सामने हैट्रिक बनाने और गढ़ बचाने की चुनौती

Basti Updated Wed, 07 May 2014 05:30 AM IST
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बस्ती। जिले में लोकसभा चुनाव के लिए बुधवार को मतदान होगा। जिले के 17 लाख 86 हजार 717 मतदाता 13 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। बसपा के सामने अपने गढ़ को बचाने की सबसे बड़ी चुनौती है। वहीं मोदी फैक्टर के सहारे भाजपा 15 साल पुराने गढ़ पर फिर कब्जा जमाना चाहती है। सपा अपनी प्रदेश सरकार के कार्यों के भरोसे नया इतिहास दर्ज करने की कोशिशों में जुटी है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी लड़ाई को रोचक बना रहे हैं।
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बस्ती के लोकसभा चुनाव परिदृश्य पर नजर डालें तो 2009 में बसपा के अरविंद चौधरी, 2004 में इसी पार्टी के लालमणि प्रसाद ने कामयाबी पाई थी। इस बार मंडल के कुर्मी जाति के क्षत्रप माने जाने वाले पूर्व मंत्री रामप्रसाद चौधरी खुद चुनाव मैदान में हैं और पार्टी के लिए हैट्रिक बनाने की जुगत में हैं। वहीं उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती वर्तमान सांसद अरविंद के जनता के बीच न जाने के लिए सफाई देने की भी है। वे जहां भी जाते हैं विरोधियों से अधिक अपने घर के लिए ही जवाब देते बीत रहा है।
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पुराने किले पर कब्जा जमाना चाहती है भाजपा
1991 से लेकर 1999 तक हुए चार चुनावों में भाजपा प्रत्याशियों ने लगातार कमल खिलाकर इस सीट को अपने खाते में कर लिया था। 1991 में बीजेपी के श्याम लाल कमल, 1996, 1998 और 1999 में तीन बार लगातार श्रीराम चौहान इस सीट से सांसद रहे। लेकिन 2004 में इस सीट को बसपा ने भाजपा से छीन कर कब्जा जमाया। भाजपा प्रत्याशी हरीश द्विवेदी के सामने पार्टी के पुराने इतिहास को दोहराने के लिए मोदी लहर और खुद के अब तक के संघर्ष का भरोसा है। वे युवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं इसलिए उनको युवा मतदाताओं से काफी उम्मीद है।
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15 में से सात बार रहा है कांग्रेस का कब्जा
1952 में हुए आम चुनाव से लेकर 2009 तक के सफर में हुए 15 लोकसभा चुनाव में सात बार बस्ती के सांसद होने का गौरव कांग्रेसियों के पास ही रहा है। 1952 में उदयशंकर दुबे, 1957 व 1962 में केडी मालवीय, 1967 में शिवनरायन, 1971 में अनंत धूसिया और 1980 में कल्पनाथ इंदिरा कांग्रेस और 1984 में इंदिरा लहर में रामअवध ने कांग्रेस का परचम लहराया। अब पार्टी प्रत्याशी के सामने इस पुराने इतिहास को दोहराने की कठिन चुनौती है। लेकिन अपने पुराने अनुभव के दम पर पूर्व विधायक अंबिका सिंह इस बार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं।

पहली बार सपा की साइकिल दौड़ाने की चाह
बस्ती की जनता ने सपा को लोकसभा के लिए कभी अपना नुमाइंदा नहीं चुना। पिछली बार हर्रैया विधायक रहे राजकिशोर सिंह ने किस्मत आजमाई थी। लेकिन वे दूसरे स्थान पर रहे। पिछली बार की कसक को दूर कर प्रदेश में सरकार के लोक कल्याणकारी कार्यों के बूते इस बार वे अपने भाई बृजकिशोर सिंह के लिए दिन-रात एक किए हैं।
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आम आदमी पार्टी भी दर्ज करा रही उपस्थिति
पहली बार लोकसभा चुनाव में उतरी आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भी अरविंद केजरीवाल की बेदाग छवि को भुनाने के फेर में हैं। वे पूरे दमखम के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराना चाहते हैं।
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2014 के चुनावी रण के यह हैं सूरमा
इस बार जिले के सांसद बनने को 13 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें बसपा के रामप्रसाद चौधरी, भाजपा के हरीश द्विवेदी, सपा के बृजकिशोर सिंह उर्फ डिंपल, कांग्रेस से अंबिका सिंह, जबकि आम आदमी पार्टी से आनंद राजपाल मैदान में हैं। पीस पार्टी के पुरुषोत्तम पांडेय, बहुजन संघर्ष पार्टी कांशीराम के भगवान दास, बहुजन मुक्ति पार्टी के आरके गौतम, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के शिवपूजन, जनवादी पार्टी सोशलिस्ट के सीताराम और निर्दलीय केके उपाध्याय, अरुण कुमार और रामशंकर गुप्त भी मैदान में हैं।
17 लाख 86 हजार वोटर करेंगे फैसला
इनमें 8,24,576 महिला मतदाता हैं
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। लोकसभा चुनाव में इस बार आधी आबादी की मतदाताओं के रूप में काफी अहम भूमिका साबित होगी। पांच विधानसभा क्षेत्र के 17 लाख 86 हजार 717 मतदाता में से आठ लाख 24 हजार 576 है। जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या नौ लाख 62 हजार चार है। 137 मतदाताओं के नाम अतिरिक्त के रूप में दर्ज हैं। सर्विस वोटरों की संख्या 758 हैं, जिनमें 503 पुरुष और 255 महिला मतदाता हैं। इसे लेकर कुल 17 लाख 87 हजार 475 मतदाता वोट करेंगे। इन मतदाताओं के लिए कुल 1864 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पहले केंद्रों की संख्या 1858 थी, मगर बाद में प्रशासन के अनुरोध पर चुनाव आयोग ने छह और मतदान केंद्र स्थापित करने की अनुमति दी थी।
विधानसभावार वोटरों की संख्या
: हर्रैया कुल 362235 पुरुष 193851 महिला 168374।
: कप्तानगंज कुल 343824 पुरुष 184786 महिला 159016।
: रूधौली कुल 400385 पुरुष 217006 महिला 183349।
: बस्ती सदर कुल 340193 पुरुष 182858 महिला 157318।
: महादेवा (सुरक्षित) कुल 340080 पुरुष 183503 महिला 156519।
विधानसभावर बूथों की संख्या
: हर्रैया 380, कप्तानगंज 349, रुधौली 410, बस्ती सदर 356 व महादेवा (सुरक्षित) में 363 सहित कुल 1864 बूथ हैं।
शहरों और ग्रामीणों में बूथों की संख्या
शहरी क्षेत्र में सबसे अधिक बस्ती सदर विधानसभा क्षेत्र में 84 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। हर्रैया में पांच व कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र में कुल नौ केंद्र खोले गए हैं। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में हर्रैया में 375, कप्तानगंज में 340, रुधौली में 410, बस्ती सदर में 272 और महादेवा सुरक्षित में 363 मतदान केंद्र खोले गए हैं।
मतदातावार बूथों की संख्या
जिले में 400 मतदाताओं वाले बूथों की संख्या 41 है। इसी तरह 401-800 मतदाताओं वाले बूथों की संख्या 554, 801-1000 मतदाताओं की संख्या 431, 1001-1200 मतदाताओं वाले बूथों की संख्या 381, 1201 से 1500 की 360 और 1500 से अधिक मतदाता वाले बूथों की संख्या 91 है।
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