माइक्रो आब्जर्वर आयोग की आंख और कान : प्रेक्षक

Basti Updated Mon, 05 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
बस्ती। विकास भवन में माइक्रो आब्जर्वरों का द्वितीय प्रशिक्षण हुआ। इस दौरान सामान्य प्रेक्षक विकास गुप्ता, व्यय प्रेक्षक सरोज कुमार दुबे एवं हर्रैया व कप्तानगंज क्षेत्र के विशेष प्रेक्षक रामेश्वर शर्मा मौजूद रहे। प्रेक्षकों ने कहा कि माइक्रोआब्जर्वर आयोग की आंख और कान हैं। उन्हें बूथों पर प्रत्येक घटना को सूक्ष्मता से देखना और रिपोर्ट करना है। उनकी जरा सी चूक से चुनाव की सही रिपोर्टिं नहीं की जा सकती है। सामान्य प्रेक्षक ने बताया कि माइक्रो आब्जर्वर गण को उनके तैनाती स्थल के बारे में जानकारी छह मई को पोलिंग पार्टियों के प्रस्थान के समय ही दी जाएगी।
विज्ञापन

पोलिंग पार्टियों की रवानगी छह मई की सुबह छह बजे एपीएन डिग्री कॉलेज और किसान डिग्री कॉलेज से होगी। पोलिंग पार्टियों को उसी समय उनके बूथ की जानकारी दी जाएगी। बस्ती सदर तथा महादेवा क्षेत्र की पोलिंग पार्टियां किसान डिग्री कॉलेज से। हर्रैया, कप्तानगंज और रुधौली क्षेत्रों की पोलिंग पार्टियां एपीएन डिग्री कॉलेज से प्रस्थान करेंगी। माइक्रोआब्जर्वरों को सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ तैनाती स्थल पर जाना है। माइक्रो आब्जर्वर की तैनाती क्रिटिकल और वल्नरेबुल (असुरक्षित) बूथों पर ही होनी है। उन्हें देखना होगा कि मतदाता भयमुक्त वातावरण मे अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं या नहीं। बताया कि माइक्रो आब्जर्वर को निर्वाचन प्रबंधों में हिस्सा नहीं लेना है। उन्हें केवल प्रबंधों का प्रेक्षण करना है। रिपोर्टिंग के लिए 17 बिंदुओं का एक फॉर्मेट उपलब्ध कराया गया है। सभी माइक्रो आब्जर्वर इसमें निहित बिंदुओं को ठीक से समझ कर उसकी रिपोर्टिंग करें। माइक्रो आब्जर्वर की रिपोर्ट की समीक्षा के लिए आठ मई को मंडी परिसर में बैठक बुलाई गई है। उनकी रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आयोग को आब्जर्वर की रिपोर्ट प्रेषित होगी।
इससे पूर्व सीडीओ संजय कुमार सिंह ने कहा कि यद्यपि माइक्रो आब्जर्वर को निर्वाचन व्यवस्था में हिस्सा नहीं लेना है, तथापि यदि कोई तकनीकी खामी रह जाती है तो मतदान दलों को इन खामियों के संबंध में समय से जानकारी दे सकते हैं। उन्होंने मतदान प्रक्रिया संपन्न कराने के लिए आयोग की ओर से निर्धारित व्यवस्था की जानकारी दी। बताया कि मतदान तैयारियों के लिए सभी पीठासीन अधिकारियों को मतदान शुरू होने से एक घंटा पूर्व बूथ में बैठ जाना चाहिए। वहां आयोग की ओर से निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, मतदान अभिकर्ताओं की तैनाती की जानी चाहिए। इसके बाद मॉकपोल शुरू किया जाय। बताया कि मतदान सवेरे सात बजे से होना है। इससे पहले यह सुनिश्चित कर लेना है कि ईवीएम में मॉकपोल से रिकॉर्ड मत गए हैं। कहा कि वास्तविक मतदान से पहले टोटल बटन दबाकर अभिकर्ताओं को यह जरूर दिखा दिया जाए कि ईवीएम में कोई मत शेष नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us