नाम बदल कर एक ही सड़क का दो बार अनुबंध!

Basti Updated Fri, 24 Jan 2014 05:45 AM IST
बस्ती। पीडब्लूडी प्रांतीय खंड में एक ही सड़क का नाम बदल कर नियम विरुद्ध दो बार टेंडर निकाल देने का मामला प्रकाश में आया है। मामला पकड़ में न आए इसके लिए योजना को ही बदल दिया। विभाग अब पहले वाले बांड को फाइनल किए बिना दूसरे वाले टेंडर का बांड और अनुबंध की तैयारी कर रहा है। नियम यह है कि जब तक विभाग पहले वाले बांड की शर्तों को पूरा नहीं कर देता, दूसरा बांड का गठन ही नहीं कर सकता। पहले वाली सड़क जिला योजना से और बाद में उसी सड़क को नाबार्ड योजना में शामिल कर टेंडर निकाला गया। अब पहले वाले ठेकेदार ने विभाग पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए बाद वाले टेंडर को निरस्त करने की मांग की है। साथ ही टेंडर न निरस्त होने की दशा में न्यायालय में जाने की चेतावनी भी दी है। उधर, अधीक्षण अभियंता ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक्सईएन को कार्रवाई का निर्देश दिया है।
ठेकेदार भुवनेश प्रताप सिंह का कहना है कि पीडब्लूडी प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता स्तर पर चार फरवरी 2000 को जिला योजना में पिपरा गौतम मेहनौना वाया कटरूआ दलथम्हन के सड़क निर्माण का बांड उनके नाम से गठित किया गया। विभाग ने सड़क निर्माण के दौरान उसे रनिंग भुगतान भी किया। अचानक पांच जुलाई 2002 को एक्सईएन ने उन्हें पत्र लिखकर यह कहते हुए कार्य को रोकने का आदेश दिया कि सड़क निर्माण के लिए अनुदान नहीं मिल रहा है। काफी दिन बाद जब विभाग ने उन्हें कार्य करने का आदेश नहीं दिया और न ही उसके बांड पर निर्णय लिया, तब उन्होंने पत्राचार शुरू कर दिया। कई पत्र लिखने के बावजूद कोई जवाब नहीं दिया गया। इसी बीच वर्ष 2013-14 में नाबार्ड योजना में सड़क का नाम बदल कर कप्तानगंज-पिपरा गौतम पिरावल मार्ग-दो के बाएं से बहादुरपुर शुक्ल कड़सरी संपर्क के नाम से 11 नवंबर 2013 को टेंडर निकाल दिया।
अधीक्षण अभियंता को लिखे पत्र में यह पूछा गया है कि जब योजना स्वीकृति हो गई और उस पर धन भी आवंटन हो गया तो वह धन कहां गया। कहा कि विभाग ने अगर दूसरे वाले टेंडर को निरस्त नहीं किया और उसके बांड को फाइनल नहीं किया तो वह न्यायालय की शरण में जाएगा। अधीक्षण अभियंता केएस दुबे ने बताया कि ठेकेदार की ओर से उन्हें शिकायत मिल चुकी। उन्होंने अधिशासी अभियंता को बांड का निस्तारण करने और कार्रवाई का आदेश दिया है।

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