हड़ताल खत्म होते ही दफ्तरों में लौटी रौनक

Basti Updated Sun, 24 Nov 2013 05:41 AM IST
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बस्ती। हड़ताल खत्म होते ही सरकारी दफ्तरों में रौनक लौट आई है। साथ ही जरूरतमंदों ने भी राहत की सांस ली। सबसे अधिक खुशी की झलक प्रशासनिक अधिकारियों के चेहरों पर देखने को मिली। लेखपालों के काम पर लौट आने से जाति, आय, निवास प्रमाण-पत्र बनाने वालों की फिर से तहसीलों में भीड़ जुटने लगी। लंबित प्रकरण को अतिशीघ्र निपटाने के लिए राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के उपाध्यक्ष व लेखपाल संघ के जिला मंत्री नरेंद्र बहादुर उपाध्याय ने सभी लेखपालों से अपील की है।
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हड़ताली कर्मियों और संगठनों के नेताओं का दावा है कि हड़ताल शांतिपूर्ण रही। किसी के साथ कोई जोर जबरदस्ती नहीं की गई। कहते हैं कि हड़ताल पूरी तरह सफल रही। हड़ताल को जन सहयोग भी मिला जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। हड़ताल के बाद सबसे अधिक रौनक विकास भवन व तहसील सहित चकबंदी कार्यालयों में देखी गई। विकास भवन स्थित सभी 26 कार्यालयों में कर्मी मौजूद रहे। हालांकि अभी बाहर से फरियादी आम दिनों की अपेक्षा नहीं आ रहे हैं। हड़ताल के चलते रजिस्ट्री और वाणिज्यकर कार्यालय सबसे अधिक राजस्व की वसूली के मामले में प्रभावित रहा। रजिस्ट्री कार्यालयों में जहां भूमि/भवनों के बैनामे न होने से लगभग एक करोड़ के राजस्व की क्षति हुई, वहीं वाणिज्यकर कार्यालय में संग्रह अमीनों के हड़ताल पर रहने के कारण राजस्व की वसूली नहीं हो पाई। साथ ही विभागीय कार्य भी प्रभावित रहे। लेखपालों के हड़ताल पर रहने से सबसे अधिक जाति, आय व निवास प्रमाण-पत्र बनाने वालों को दिक्कतें हुई। थाना व तहसील दिवस भी प्रभावित हुआ। इन दिवसों में आने वाले शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ। सरकारी सूचनाओं के आदान-प्रदान नहीं हो पाया। डिप्लोमा इंजीनियर संघ के हड़ताल में शामिल हो जाने से कई विभागीय योजनाएं समय से संचालित नहीं हो पाई। सबसे अधिक प्रभाव सड़कों के निर्माण व रख-रखाव पर पड़ा। चकबंदी कर्मियों के हड़ताल पर रहने से चकबंदी प्रभावित हुई। इसी तरह कोषागार के एक धड़े के हड़ताल पर रहने से बड़े-बड़े सरकारी देय प्रभावित हुए।
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हड़ताल खत्म होने के बाद भी अधिकारी रहे नदारद
हड़ताल खत्म होने के बाद भी यांत्रिक विभागों के अधिकारी कार्यालयों से गायब रहे। आरोप है कि अधिकारी पिछले 12 नवंबर से कार्यालयों में नहीं बैठ रहे हैं। कहां पर हैं इसकी जानकारी आमजनों को नहीं हो पाती। अब जब कि हड़ताल समाप्त हो गया तो लोगों को यह आस बंधी थी कि अब तो अधिकारी कार्यालयों में बैठेंगे, मगर शनिवार को पीडब्लूडी खंड-एक, पीडब्लूडी प्रांतीय खंड, अधीक्षण अभियंता पीडब्लूडी, सिंचाई, नलकूप व बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंताओं के चेंबर खाली रहे।

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कर्मचारी का योगदान सराहनीय
बस्ती। मिनिस्टीरियल एसोसिएशन इरिगेशन के मंत्री नरसिंह नारायण पांडेय ने राज्य कर्मचारियों की हड़ताल को सफल बनाने में सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया है। कहा कि सभी कर्मचारी संगठनों, नेताओं ने जिस तन्मयता के साथ योगदान दिया उसी का परिणाम है कि सफलता हासिल हुई। संघर्ष के कारण ही हमारी चार मांगों को सरकार ने मान लिया है। किसी हड़ताली कर्मचारी का उत्पीड़न न होने पाये इस पर निगाह रखने की जरूरत है। हम एकजुट रहे तो सरकार को सभी मांगो को स्वीकार करना होगा। कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे थे। उनका किसी से व्यक्तिगत द्वेष भावना नहीं था। इस क्रम में महासंघ संरक्षक नरेंद्र मिश्रा, जय प्रकाशधर द्विवेदी ने कर्मचारियों से कार्यों में सहयोग करें।
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