अल्पसंख्यकों को प्रमाणित बीजों पर भी अनुदान

Basti Updated Thu, 24 Oct 2013 05:39 AM IST
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बस्ती। अल्पसंख्यक समुदाय के किसानों को बढ़ावा देने के लिए उनकी जनसंख्या के आधार पर 20 फीसदी आरक्षण व्यवस्था कृषि विभाग में भी लागू करने का निर्णय सरकार ने लिया है। मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी एवं जैन वर्ग के किसानों को कृषि विभाग प्रमाणित बीजों पर अनुदान देगा। यह अनुदान सरकारी और अर्ध सरकारी संस्थाओं में वितरित होने वाले बीज पर दिया जाएगा। इस आशय का आदेश जेडीसी अशोक कुमार ने मंडल के कृषि अधिकारियों को जारी किया है।
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जेडीसी ने बताया कि विभाग की प्रमाणित बीजों पर अनुदान योजना के तहत अब अल्पसंख्यक समुदाय के किसानों को अलग से 20 फीसदी कोटा निर्धारित किया गया है। बताया कि रबी वर्ष 2013-14 में सरकारी और अर्ध सरकारी संस्थाओं के माध्यम से वितरित होने वाले गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, राई/सरसों और अलसी के प्रमाणित बीजों पर अनुदान की सुविधा दी गई है। यह अनुदान कृषि, सहकारिता, एग्रो, पीसीएफ, बीज विकास निगम, आईएफडीसी एवं कृभको सहित अन्य संस्थाओं के जरिए इन फसलों के प्रमाणित बीजों पर अनुदान दिया जाएगा। बताया कि इस संबंध में सभी अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने किसानोें से अपील की कि अगर किसी को अनुदान मिलने में कठिनाई होती है तो वे उनके मोबाइल नंबर 9451955645 पर सूचित करें।
100 में से 20 क्विंटल बीज अल्पसंख्यकों को देना अनिवार्य
शासनादेश के तहत अगर किसी जिले में 100 क्विंटल अनुदान वाला गेहूं बीज वितरित करने के लिए आया तो उसमें 20 क्विंटल बीज अल्पसंख्यक समुदाय के किसानों को देना अनिवार्य होगा। जेडीए ने बताया कि अगर कोई गेहूं के बीज की प्रजाति 10-15 साल की है तो उस पर प्रति क्विंटल 200 रुपये, अगर कोई 10 साल की प्रजाति की है तो उस पर प्रति क्विंटल 400 और अगर 10 साल के अंदर की प्रजाति है तो उस पर प्रति क्विंटल 500 रुपये का अनुदान अल्पसंख्यक सहित अन्य वर्गों के किसानों को मिलेगा।
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