अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और हेपेटाइटिस जांच नहीं

Basti Updated Wed, 23 Oct 2013 05:38 AM IST
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बस्ती। वीरांगना रानी तलाश कुंवरि जिला महिला अस्पताल में प्रसूताआें के इलाज में सुविधाओं की कमी आड़े आ रही है। अस्पताल में आने वाली प्रसूताआें की न तो अल्ट्रासाउंड जांच हो पा रही है और न पैथालॉजी में विशेष जांच की सुविधा ही मौजूद है। इससे मजबूर होकर प्रसूताओं को बाहर भटकना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि रेडियोलॉजिस्ट के इंतजार में बारह साल से अल्ट्रासाउंड मशीन धूल फंाक रही है।
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मंगलवार: दिन के 11.20 बजे
पंजीकरण काउंटर पर रोज की अपेक्षाकृत कम भीड़ दिखी। 127 प्रसूताएं पंजीकरण कराकर ओपीडी में डॉक्टर से परामर्श लेने पहुंच चुकी हैं। जबकि कई अन्य पंजीकरण के लिए एक रुपये लेकर कतार में खड़ी हैं।
एक कमरे में दिया जा रहा परामर्श
अस्पताल में ओपीडी के लिए सिर्फ एक कमरे का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। डॉक्टर अपर्णा शुक्ला और डॉक्टर शबनम मरीजों को देख रही हैं। डॉक्टर अपर्णा ने इस समय तक 21 और डॉ. शबनम ने 30 मरीजों को परामर्श दिया है। जबकि कक्ष और बाहर कई प्रसूताएं अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं। प्रसूताओं की जांच के लिए सिर्फ ब्लड प्रेशर मापने की मशीन भर है। अल्ट्रासाउंड की मशीन बेमतलब साबित हो रही है। प्रसूताआें को अल्ट्रासाउंड के लिए ओपेक कैली और जिला अस्पताल की राह दिखाई तो जाती है मगर परिसर में घूम रहीं महिला बिचौलिए कमीशन के चक्कर में इनको आसपास के सेंटराें पर पहुंचा देती हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि वे सरकारी अस्पताल के लिए ही रेफर करती हैं।

समय 11.50 बजे स्थान पैथोलॉजी
पैथालोजी में लैब टेक्निशियन एसएन शुक्ला मौजूद रहे। जांच के लिए आने वाली प्रसूताओं के खून का सैंपल ले रहे थे। अब तक 16 मरीजों का सैंपल लिया जा चुका था। सिर्फ हीमोग्लोबिन और यूरिनल संक्रमण की जांच की सुविधा पैथोलॉजी में उपलब्ध है।

हेपेटाइटिस जांच की सुविधा नदारद
प्रसूताओं के लीवर आदि में किसी संक्रमण के बारे में पता करने के लिए होने वाली हेपेटाइटिस जांच की सुविधा मौजूद नहीं है। इसके अलावा एचआईवी जांच की सुविधा भी नदारद है।

समय 12.05 बजे: दवा वितरण कक्ष
फार्मासिस्ट की कुर्सी खाली थी। हालांकि वीपी सिंह बरामदे में ही दवा निकलवा रहे थे। पूछने पर बताया कि इस समय अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं। इसे प्रसूताओं में वितरित किया जा रहा है। आयरन की गोली पर दिसंबर 013 और एंटी बायोटिक दवा के रैपर पर नवंबर 013 की एक्सपायरी देखकर जब सवाल किया तो बताया कि यह आखिरी लॉट है। दो-तीन दिन में नई दवा दी जाएगी।

समय 12.20 बजे: बालरोग विशेषज्ञ कक्ष
परिसर में बालरोग विशेषज्ञ डॉ. पीके श्रीवास्तव के कक्ष के बाहर महिलाओं की भारी भीड़ है। गोद में शिशुओं को लिए वे अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रही हैं। डॉक्टर ने बताया कि 37 मासूमों को देख चुके हैं। पूछने पर बताया कि अब अस्पताल में नवजाताें के इलाज के लिए पर्याप्त सुविधा है। एसएनसीयू वार्ड में कई मासूम मरीजों को भर्ती किया गया है। वार्ड में जाने पर तीन जेएनएम नवजात शिशुओं की देखभाल में लगी थीं। इसमें मीरा गौतम, संध्या रजक और एक अन्य शामिल थीं।

क्या कहती हैं सीएमएस
डॉ. सरोजबाला कहती हैं कि जहां तक अल्ट्रासाउंड की बात है, अस्पताल में मशीन तो है मगर रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती पिछले कई सालाें से नहीं है। उन्होंने कई बार अपने स्तर से लिखा-पढ़ी की। मगर शासन से किसी को भेजा नहीं गया। ऐसे में सभी को हिदायत दी गई है कि वे जिला अस्पताल या ओपेक कैली अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पर्ची पर रेफर करें। बाहर से कराने के सवाल पर कहा कि अब मरीज ओपीडी से निकल कर कहां जाता है, इसके बारे में वह क्या बताएं। जहां तक महिला बिचौलियों की बात है तो उच्चाधिकारियों से इनको बाहर कराने के लिए कई बार कहा जा चुका है।
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