विज्ञापन

गांवों में सरकारी धन का दुरुपयोग

Basti Updated Tue, 26 Mar 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
बस्ती। विकास खंड साऊंघाट क्षेत्र की ग्राम पंचायतों छितहीप्रहृलाद, दुदराक्ष और कड़रखास में विकास के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग होने का खुलासा जांच में हुआ है। इसके लिए प्रधान और सेक्रेटरी को जिम्मेदार ठहराया गया है। साथ ही कार्रवाई की सिफारिश की गई है। मामले में सहायक विकास अधिकारी पंचायत को भी पर्यवेक्षणीय दायित्वों का निर्वहन न करने का दोषी माना गया है। वहीं डीपीआरओ समरजीत सिंह ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही है।
विज्ञापन
विकास भवन ग्राम पंचायतों के विकास के लिए आए धन के हो रहे दुरुपयोग को रोक पाने में सफल नहीं है। इसके चलते ग्राम पंचायतों का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है। आधे से अधिक सरकारी धन का दुरुपयोग लोग मिलकर कर रहे हैं। इसका खुलासा जिला परियोजना समन्वयक विष्णुदेव नाथ की जांच में हुआ। उन्होंने डीएम, सीडीओ, डीपीआरओ और डीडीओ को जांच रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई करने की सिफारिश की है। जांच संपूर्ण स्वच्छता अभियान के तहत ग्राम पंचायतों में उपलब्ध कराए गए धनराशि से निर्मित होने वाले व्यक्तिगत, बीपीएल, स्कू ल, सामुदायिक शौचालय और बालमैत्री शौचालय को लेकर की गई।
छितही प्रहृलाद का सच
ग्राम प्रधान बेचन लाल और वर्तमान में सचिव अशोक कुमार और पूर्व सचिव मनोज मिश्र ने आजतक अभी एक दूसरे को चार्ज ही नहीं दिया। इस पंचायत में सात राजस्व ग्राम हैं। बीपीएल की संख्या 158 है। व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए 307 परिवारों को 4600 रुपये की दर से 13.81 लाख की धनराशि जारी की गई। जांच में एक भी लाभार्थी के शौचालय का निर्माण नहीं कराया। जबकि यह शासन की प्रमुख प्राथमिकता में शामिल है। धन कहां गया और क्यों नहीं शौचालय बनाए गए यह जांच का विषय है। मगर इसके लिए प्रधान और सेक्रेटरी को जिम्मेदार मानकर कार्रवाई करने की सिफारिश की है। यही स्थिति स्कूल और आंगनबाड़ी शौचालय की है। गांव में साफ-सफाई को लेकर सबसे गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
दुदराक्ष की हकीकत
गांव की प्रधान दुर्गावती देवी और सचिव मनोज मिश्र हैं। 109 बीपीएल परिवार हैं। भारत निर्मल अभियान के व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए 286 परिवारों के नाम से 13.15 लाख रुपये दिए गए। न तो वित्तीय स्वीकृत प्राप्त की गई और न ई-मसटरोल जारी किया गया। ग्राम के सर्वांगीण विकास न होने और साफ-सफाई के लिए प्रधान और सेक्रे टरी को दोषी माना गया है। यही हालत स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों के शौचालयों की भी है।
कड़रखास भी इतर नहीं
गांव के प्रधान अब्दुल हकीम और सचिव डीएन सिंह हैं। 109 बीपीएल परिवारों की संख्या 109 है। यहां पर 144 शौचालय के लिए 4600 रुपये की दर से 6.62 लाख रपये दिए गए। मनरेगा के तहत भी छह लाभार्थियों के लिए धन स्वीकृत किया गया। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र एक हफ्ता रह गया मगर एक लाभार्थी का ही गड्ढा खोदा गया। निर्माण के लिए न तो वित्तीय स्वीकृत ली गई और न ई-मस्टरोल ही जारी किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election
  • Downloads

Follow Us