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बस न मिलने से श्रद्धालुओं का हंगामा

Basti Updated Sat, 09 Feb 2013 05:30 AM IST
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बस्ती। मौनी अमावस्या पर संगम स्नान के लिए जुटे श्रद्धालु बसें न मिलने से आपा खो बैठे। शुक्रवार देर रात श्रद्धालुओं ने परिवहन निगम के डिपो के सामने जाम लगा दिया। डिपो परिसर में किसी जिम्मेदार व्यक्ति के न मिलने से श्रद्धालुओं का गुस्सा बढ़ गया। रात के 11 बजे श्रद्धालु परिवहन निगम के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। कुंभ पर संगम में डुबकी लगाने को श्रद्धालुओें का सैलाब उमड़ पड़ा है। सड़क पर दिख रही श्रद्धालुओं की भीड़ से अनुमान लगाया जा रहा है कि जिले से करीब पांच से सात लाख लोग प्रयाग नहाने जा रहे हैं। सबसे अधिक गांवों से श्रद्धालु इलाहाबाद जा रहे हैं। ढेरों अतिरिक्त इंतजाम के बावजूद सवारी के लिए आपा-धापी मची हुई है।
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बहुप्रतीक्षित महाकुंभ पर संगम में स्नान का अवसर रविवार को आने वाला है। इस अतिविशिष्ट अवसर को लोग गंवाना नहीं चाहते। रोडवेज पर इलाहाबाद जा रहे श्रद्धालुओं ने बताया कि वे हर साल मौनी अमावस्या पर संगम नहाने जाते हैं। पर एक तिहाई लोग महाकुंभ के माहात्म्य को सुनकर इस बार संगम स्नान को निकले हैं। भीड़ में ऐसे भी श्रद्धालु दिखे जो केवल कुंभ स्नान का पुण्य कमाते हैं। खास बात यह है कि शहरी श्रद्धालुओं से कई गुना तादाद ग्रामीणों की देखी जा रही है। बड़ी संख्या में लोगों के तीर्थयात्रा पर निकल पड़ने की वजह से परिवहन व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। रोडवेज बस में सीट हासिल करने के लिए लोग टूट पड़ रहे हैं। बस में चढ़ते समय धक्का-मुक्की के बीच बुजुर्गों व महिलाओं को पिसते देखा गया। बस की टूटी खिड़कियों से भी कई लोग घुसते दिखे। कुछ खिड़की के रास्ते सामान फेंक कर सीट पर कब्जा जमा रहे हैं। इस बीच यात्रियों में कहासुनी भी होते देखी गई। रोडवेज प्रशासन दावा तो कर रहा है कि यात्रियों को कोई असुविधा नहीं होने पा रही है लेकिन हकीकत वैसी नहीं है।


आस्था के आगे ताक पर सुरक्षा
सुरक्षित यात्रा के मानकों को तोड़ते हुए जो भी सवारी मिल रही है उसी से लोग रवाना हो रहे हैं। ट्रैक्टर ट्राली और ट्रकों का भी इस्तेमाल खूब किया जा रहा है। यद्यपि ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार तीर्थयात्रियों को अक्सर जोखिम में पडे़ देखा जाता है लेकिन ग्रामीणों को इसकी कोई परवाह नहीं है। आस्था इस कदर हावी है कि ट्राली को डबल डेकर बनाकर 65 से 70 यात्री बैठाकर ले जाया जा रहा है।

दूसरे रूटों पर सवारी की घोर किल्लत
सवारी के साधनोें के कुंभ मेले में फंस जाने से दूसरे रूट के यात्रियों की मुसीबत काफी बढ़ गई है। बांसी, गोरखपुर, डुमरियागंज, महुली, कलवारी आदि रूटों से सरकारी बसोें को हटा लेने की वजह से समस्या बढ़ी है। अधिकतर टैक्सी व निजी बस भी इलाहाबाद की ओर रुख कर लिए हैं। सवारी के इंतजार में परिवार सहित कचहरी स्टैंड पर खडे़ चिलमा बाजार के रजनीश बताते हैं कि बढ़नी से घर लौटने में उन्हें नाकों चले चबाने पडे़ हैं।

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