चावल की हेराफेरी का मामला गर्म

Basti Updated Tue, 29 Jan 2013 05:30 AM IST
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बस्ती। खाद्य विभाग के बनकटी गोदाम में हुए चावल की हेराफेरी का मामला गरमाता जा रहा है। डीएम ने दो अफसरों की जांच टीम बनाई है। उधर, डीएसओ ने परिवहन ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। वहीं आरएफसी के आदेश पर जांच कर रहे जिला खाद्य विपणन अधिकारी की जांच में केंद्र प्रभारी और ठेकेदार की मिलीभगत का खुलासा हो रहा है। अफसरों की मानें तो इस गोलमाल में एक राइस मिलर की भूमिका भी सामने आ रही है।
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बता दें कि 19 जनवरी को एफसीआई से चला एक ट्रक चावल बनकटी गोदाम पर सड़ा हुआ निकला। उसे केंद्र प्रभारी शिवराम सिंह ने लेने से इंकार कर दिया। कुछ घंटे बाद ठेकेदार ने दूसरा एक ट्रक चावल लाकर गोदाम प्रभारी को दे दिया और घटिया चावल वापस ले गया। आरएफसी एके सिंह के आदेश पर जांच चल रही है। अफसरों की मानें तो इस मामले में कई लोगों की कलई खुल रही है। जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। गरीबों को ‘ए’ ग्रेड चावल के बदले सड़ा चावल खिलाने की साजिश में परिवहन ठेकेदार, केंद्र प्रभारी और मिलर का गंठजोड़ उजागर हो रहा है। यह गोरखधंधा कई वर्षों से हो रहा है। जांच अधिकारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी विपिन राय और डीएसओ पूरन सिंह का कहना है कि गोलमाल में शामिल लोगों के विरुद्ध कार्रवाई तय है। बताया कि चावल की अदला-बदली साजिश के तहत की गई है। बताया कि यही वह चावल है, जो मिलर एफसीआई को सीएमआर के रूप में देता है। वहीं सड़ा चावल पकड़वाने में अहम भूमिका निभाने वाले भाकियू के मंडलीय सचिव राहुल सिंह यादव का कहना है कि केंद्र प्रभारी और परिवहन ठेकेदार मिलकर चावल की अदला-बदली करते हैं। उन्होंने बताया कि एक क्विंटल चावल बदलने में दो से तीन सौ रुपये का बंदरबांट होता है। अच्छे चावल को मिलर या तो सीएमआर में दे देता है या फिर उसे अच्छे दाम में व्यापारियों को सप्लाई कर देता है।


केंद्र प्रभारी ने नमूना ही गलत लिया
एक ट्रक चावल की हेराफेरी में केंद्र प्रभारी के तर्क और रिपोर्ट से जांच अधिकारी और डीएसओ संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि केंद्र प्रभारी ने नियमानुसार चावल का नमूना नहीं लिया। नमूने पर न तो ट्रक चालक के हस्ताक्षर हैं और न ही सील किया हुआ है। एक प्लास्टिक की थैली में नमूना ले लिया गया जो आधारहीन और मानने योग्य नहीं है, जबकि सूती कपड़े में सीलबंद नमूना लेना चाहिए था। कहते हैं कि परिवहन ठेकेदार की चोरी पकड़ी न जाए, इसके लिए गलत नमूने लिए गए। इससे पता चलता है कि इस हेराफेरी में केंद्र प्रभारी की भी भूमिका है।

अफसरों की टीम करेगी जांच
डीएम एस. मथुशालिनी ने अति निर्धन परिवारों में वितरित करने के लिए आए सैकड़ों क्विंटल अंत्योदय चावल की हेराफेरी में डीएसओ पूरन सिंह और डिप्टी आरएमओ विपिन राय को संयुक्त रूप से जांच करने के लिए आदेश दिए हैं। अफसरों ने जांच भी शुरू कर दी है।

डीएसओ ने थमाया ठेकेदार को नोटिस
डीएसओ ने परिवहन ठेकेदार मंजू देवी को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है। साथ ही कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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