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कार्ड बना नहीं और उठान कर लिया अनाज

Basti Updated Sat, 29 Dec 2012 05:30 AM IST
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बस्ती। 28 हजार से अधिक अतिरिक्त बीपीएल लाभार्थियों के नाम से अनाज का आवंटन तो हो गया और कोटेदारों ने उसका उठान भी कर लिया। मगर आपूर्ति विभाग ने अभी तक लाभार्थियों के नाम कार्ड ही नहीं बनाए। जबकि कार्ड पांच दिसंबर से पहले लोगों के हाथों में पहुंच जाने चाहिए थे। ऐसे में शासन की योजना पर खतरा मंडरा रहा है। साथ ही 55 लाख रुपये के अनाज की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। अनाज के कालाबाजारी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन और विभाग दोनों पुख्ता इंतजाम करने का दावा कर रहे हैं।
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बता दें कि भारत सरकार ने उन लोगों को भी सस्ते दर पर गेहूं और चावल देने की घोषणा की है, जिनके नाम एपीएल का कार्ड भले बना है मगर वे बीपीएल की श्रेणी में आते हैं। जिले में इस तरह के 77429 लाभार्थियों को चिह्नित किया गया। पांच दिसंबर से पहले लाभार्थियों का चयन कर लेना था। इसके लिए डीएम ओर डीएसओ की ओर से तहसीलों और ब्लाकों को लाभार्थियों की सूची भेजने के निर्देश भी जा चुके हैं। सरकार की यह योजना सिर्फ चार महीने के लिए ही है। दिसंबर से से मार्च तक प्रत्येक कार्डधारक को 15 किलो गेहूं और 20 किलो चावल बीपीएस दर यानी 193 रुपये में मिलेगा। दिसंबर के लिए 11614.04 क्विंटल गेहूं और 15485.8 क्विंटल चावल का आवंटन किया गया है। इसके लिए कोई अलग से कार्ड नहीं बनना है। जो लाभार्थी चिह्नित किए जाएंगे, उनके एपीएल के कार्ड पर अतिरिक्त बीपीएल का ठप्पा लगना है। लाभार्थियों का चयन जन कल्याणकारी योजना जैसे सावित्री बाई फूले योजना, महामाया योजना, विधवा, बेसहारा व विकलांग पेशन धारकों में से भी चयन करना था।

अनाज नहीं मिला तो जाएगें जेल: डीएम
शासन को भेजी गई रिपोर्ट में कुल 77429 के सापेक्ष 48656 लाभार्थियों का चयन करने और उहें माह दिसंबर का अनाज देने की बात कही गई है। डीएम एस. मथुशालिनी कहती हैं कि सभी एसडीएम को कोटेदारों का स्टाक चेक कराते रहते के निर्देश दिए गए हैं। कहा है कि अगर किसी के यहां पर स्टाक कम मिला तो कोटेदार सहित संबधित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। वहीं डीएसओ पूरन सिंह कहते हैं कि कोटेदारों को अवशेष स्टाक को सुरक्षित रखने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही क्षेत्रीय राशन अधिकारी और पूर्ति निरीक्षकों से कोटेदार का स्टाक चेक करने को कहा गया है।

स्थान के अभाव में हो सकता है अनाज का डायवर्जन
अनेक कोटेदारों ने कहा कि नियमित अनाज रखने के लिए उनके पास स्थान की कमी है। ऐसे में अतिरिक्त बीपीएल का स्टाक सुरक्षित रखना है, जोकि कोटेदारों के संभव नहीं हैं। ऐसे में अनाज के डायवर्जन से इंकार नहीं किया जा सकता।

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