पीडीएस लाभार्थियों के साथ छलावा

Basti Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
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बस्ती। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभार्थी कोटेदारों की ठगी का शिकार हो रहे हैं। घटतौली के साथ ही निर्धारित मात्रा से कम अनाज और अधिक मूल्य वसूली की शिकायतें आम हैं। सबसे अधिक गड़बड़ी की शिकायतें ग्रामीण क्षेत्रों की दुकानों पर मिल रही हैं। पिछले तीन महीने में लगभग पचास लाइसेंस धारकों के विरुद्ध कार्रवाई भी हो चुकी है। दो दर्जन से अधिक लाइसेंस भी सस्पेंड किए जा चुके है। बावजूद शिकायतों में कमी नहीं हो रही है। लाभार्थी इसके लिए सरकारी अमले को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं कोटेदार संघ सरकार की नीति को दोषी मान रहा है।
कार्डधारकों की मानें तो सरकारी अमला सरकारी मूल्य पर लाभार्थियों के हिस्से का पूरा अनाज दिलाने में विफल है। आदेश-निर्देश सिर्फ कागजी साबित हो रहे हैं। दफ्तरों में घटतौली और अधिक मूल्य लेने की शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। यहां तक कि शिकायतों के निस्तारण के लिए एक अलग से सेल भी गठित है। अधिकतर जांच में शिकायतें सही मिल रही हैं। कार्रवाई भी हो रही है। मगर गरीबों का हक मारने का सिलसिला बंद नहीं हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में एसडीएम की और शहरी में पीडीएस की जिम्मेदारी डीएसओ की रहती है।

इन दरों और मात्रा में मिलना चाहिए अनाज
जिले में अंत्योदय के 8906 और बीपीएल के 143842 सहित कुल 152748 कार्डधारक हैं। सरकार प्रति माह इनको 30480.30 क्विंटल गेहूं और 51630.85 क्विंटल चावल सस्ते दर पर देती है। व्यवस्था के मुताबिक, बीपीएल के कार्डधारकों को प्रति कार्ड 15 किलोग्राम गेहूं और 20 किलोग्राम चावल 193 रुपये में और अंत्योदय के कार्डधारकों को 10 किलोग्राम गेहूं और 25 किलोग्राम चावल 95 रुपये में कोटेदारों को देना है। इसी तरह प्रति कार्ड 46.35 पैसे में तीन लीटर मिट्टी तेल मिलना चाहिए। लाभार्थियों की मानें तो ग्रामीण क्षेत्र का कोई भी कोटेदार सरकारी मानक के अनुसार न तो वितरण करता है और न मूल्य ही लेता है।

अनियमितता के लिए सरकारी नीति दोषी
नियमानुसार अनाज, तेल और चीनी का मूल्य और मात्रा न देने के बाबत कोटेदार संघ के जिलाध्यक्ष सरदार जोगेंद्र सिंह कहते हैं कि सरकार कोटेदारों को बीपीएल अनाज की ढुलाई पर 17 पैसे प्रति किलोग्राम और अंत्योदय पर छह पैसे प्रति किलोग्राम देती है। मिट्टी तेल पर प्रति लीटर 55 पैसे मिलते हैं। वहीं एक किलोग्राम अनाज की ढुलाई में 50 से 70 पैसे का खर्च आता है। इसी तरह मिट्टी के तेल में प्रति लीटर एक रुपया खर्च होता है। खर्च का यह आंकड़ा शहरी क्षेत्र के दुकानों का है। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में यह खर्च दोगुना से अधिक हो जाता है।

लाभार्थी करें काल और एसएमएस : डीएसओ
डीएसओ पूरन सिंह कहते हैं कि यह सही है कि वितरण से संबंधित सबसे अधिक शिकायतें ग्रामीण क्षेत्रों से आ रही हैं। तहसील स्तर पर कार्रवाई भी होती है। कहा कि पीडीएस का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के लिए शासन-प्रशासन और विभाग की ओर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए संबंधित लोगों को डीएम ने दिशा-निर्देश भी जारी किया है। किसी भी उपभोक्ता को अगर वितरण संबंधी परेशानी होती है तो वह 9415046000 पर एसएमएस और काल कर सकते हैं।

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