डेंगू को लेकर सेहत महकमा सतर्क

Basti Updated Tue, 23 Oct 2012 12:00 PM IST
बस्ती। आसपास के जिलों में बढ़ रहे डेंगू के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है। हालांकि बस्ती जिले में अब तक किसी व्यक्ति में डेंगू की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, अलबत्ता निजी चिकित्सकों के यहां इलाज के दौरान दो मरीजों में डेंगू के लक्षण दिखाई दिए थे। इनका लखनऊ में इलाज कराया गया।
मासूमों में डेंगू का लक्षण दिखने पर जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड के एईएस वार्ड में ही इलाज का प्रबंध किया गया है। वहीं बड़ी उम्र के लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखने का इंतजाम किया जा रहा है। इसके अलावा ओपेक कैली अस्पताल में भी जेई आईसीयू वार्ड में दस बेड ऐसे मरीजों के लिए चिह्नित कर लिये गए हैं। मलिन बस्तियों में डेंगू व मलेरिया के मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए नगर पालिका की तरफ से छिड़काव कराया जा रहा है। ईओ डॉ. आरपी श्रीवास्तव का कहना है वार्डवार फागिंग कराई जा रही है। स्थानीय निवासियों से रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराकर इसकी पुष्टि भी की जा रही है।

कैसे पनपते हैं डेंगू रोग के मच्छर
एडीज एजिप्टाई मच्छर इस रोग का प्रमुख वाहक है। यह घर में एकत्रित कूलर, गमले और खुले पानी की टंकी व नाली के पानी में भी आसानी से पनप सकता है।

क्या है बीमारी का लक्षण
डेंगू के मरीज में शरीर का तापमान बढ़ जाता है। शरीर लाल चकत्ते, इनसे खून आना, बदन व सिर में तेज दर्द, ठंड के साथ कंपकंपी का लक्षण दिखाई पड़ता है।

कप्तानगंज में मिल चुका है डेंगू का मरीज
वैसे अभी तक किसी सरकारी अस्पताल में किसी डेंगू के मरीज के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन सितंबर में कप्तानगंज ब्लाक के खिरियहवां निवासी रामसुरेश चौधरी पुत्र रामबहाल चौधरी में इस बीमारी के लक्षण दिखे थे। पीएचसी पर दिखाने के बाद स्थिति में सुधार न होने पर उनको बस्ती के निजी चिकित्सक को दिखाया गया। इसके बाद लखनऊ में निजी अस्पताल में इलाज के बाद उनकी हालत ठीक हुई।

गौर में मिला एक और डेंगू का मरीज
गौर ब्लाक के बैदोलिया अजायब गांव निवासी सालिकराम चौधरी का पुत्र मनीष कुमार (9) पिछले एक सप्ताह से डेंगू की चपेट में है। बस्ती में निजी डॉक्टर को दिखाने के बाद डेंगू के लक्षण दिखने पर परिवार वाले उसे बीते गुरुवार को लखनऊ के फातिमा अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।

रोग से बचाव के उपाय
अपने आसपास गड्ढे को आवश्वकता न होने पर पाट दें। जिससे पानी एकत्रित न हो सके। सुबह शाम ऐसे कपड़े पहने जिससे बदन का अधिकांश हिस्सा ढका हो। रात में मच्छरदानी या किसी क्रीम या लिक्विडेटर का प्रयोग अवश्य करें। घर के कूलर, गमले आदि के पानी को बदलते रहें।

छह साल से नही बंटी मेडिकेटेड मच्छरदानी
स्वास्थ्य महकमें ने 2005-06 में मलेरिया और डेंगू से बचाव के लिए मेडिकेटेड मच्छरदानी का वितरण किया गया था। लेकिन तब से लेकर आज तक फिर मच्छरदानी नही बांटी गई।

डेंगू का कोई मरीज नहीं आया : प्रमुख अधीक्षक
जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डा. पीके सिंह का कहना है वैसे अभी तक अस्पताल में डेंगू का कोई मरीज नहीं आया है। फिर भी एहतियात के तौर पर अलग आइसोलेशन वार्ड में बेड लगा दिया गया है। जरुरत पड़ने पर अन्य इंतजाम भी करा दिया जाएगा। बच्चों में लक्षण दिखने पर उन्हें जेई आईसीयू में एडमिट किया जाएगा।

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