विज्ञापन

11281 हेक्टेयर बढ़ गया मंडल का गन्ना क्षेत्रफल

Basti Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
बस्ती। मंडल में गन्ने की पैदावार में निरंतर इजाफा होता जा रहा है। पिछले सत्र में 66588 हेक्टेयर में गन्ने की बुआई हुई थी जो अब बढ़कर 77869 हेक्टेयर हो गई है। इस सत्र में 11281 हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल बढ़ा है जो चीनी का कटोरा कहे जाने वाले पूर्वांचल के लिए एक शुभ संकेत हैं।
विज्ञापन
बस्ती मंडल के सिद्धार्थनगर जिले में एक भी चीनी मिल नहीं है जबकि संतकबीरनगर में एक मात्र खलीलाबाद चीनी मिल है। इसके बावजूद मंडल में गन्ने की खेती कीर्तिमान बनाती जा रही है। इस साल बस्ती मंडल में 560.84 कुंटल प्रति हेक्टेयर गन्ने की पैदावार की संभावना गन्ना विभाग ने जताई है। मंडल में 77869 हेक्टेयर क्षेत्रफल में इस बार गन्ने की बुआई की गई है जो पिछले साल की तुलना में 11281 हेक्टेयर अधिक है। गन्ना विभाग की माने तो इस बार 560 कुंटल गन्ना प्रति हेक्टेयर होने की उम्मीद है। यूं तो मंडल की पांच चीनी मिलों में गन्ने का क्षेत्रफल बढ़ा है, मगर गन्ने की सर्वाधिक खेती बस्ती के बभनान चीनी मिल एरिया में होती है। गन्ना क्षेत्रफल से लेकर पेराई तक में हमेशा से बभनान चीनी मिल आगे रही है।

मिलवार आंवटित क्षेत्रफल (हेक्टेयर में)
बस्ती 17782.388
अठदमा 8884.337
वाल्टरगंज 12162.043
बभनान 22961.0264
खलीलाबाद 11713.0530
रौजागांव 0.843
मसौधा 557.169
(रौजागांव और मसौधा चीनी मिलें फैजाबाद जिलें में हैं मगर सीमावर्ती क्षेत्रों का गन्ना इन्हीं मिलों को जाता है।)

बेहतर सप्लाई से बढ़ा रुझान
बस्ती। गन्ने की खेती का क्षेत्रफल बढ़ने के पीछे जो प्रमुख वजह है वह बेहतर गन्ना मूल्य और ट्रांसपोर्टिंग व्यवस्था है। ऐसा जिला गन्ना अधिकारी राजेशधर द्विवेदी का मानना है। मगर इसके अलावा भी कई ऐसे कारण है जिनके चलते गन्ने की फसल के प्रति लोगों का रुझान बढ़ा है। भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष दीवान चंद्र चौधरी कहते हैं कि जंगली सूअर और नीलगाय किसानों की अन्य फसलों के लिए दुश्मन बने हुए हैं। गन्ने को वह उतना नुकसान नहीं पहुंचाते जितना कि अन्य फसलों को ऐसे में किसानों को गन्ने की फसल लाभदायक नजर आती है।

20 नवंबर से शुरू होगा पेराई सत्र:डीसीओ
जिला गन्ना अधिकारी राजेशधर द्विवेदी की मानें तो मंडल में पेराई सत्र 20 नवंबर से शुरू हो जाएगा। चीनी मिलें नवंबर माह के तीसरे सप्ताह में पेराई शुरू करेंगी। खलीलाबाद और वाल्टरगंज मिल 25 नवंबर से, अठदमा चीनी मिल 26 नंवबर, बस्ती सुगर मिल 28 नवंबर और बभनान मिल नवंबर के तीसरे सप्ताह में शुरू होगी।

रिस्क कम, फायदा अधिक
गौर विकास खंड के बनकटिया निवासी गन्ना किसान चतुर्भुजी शुक्ल और रामदीन मौर्य कहते हैं कि दलहनी और सब्जी की खेती वह पिछले दो साल से बंद कर महज गन्ने की खेती कर रहे हैं। इससे उन्हें एकमुश्त रकम भी मिल जाती है और फसलों के नुकसान होने का खतरा भी कम रहता है। वहीं बहादुपुर ब्लाक के जसईपुर निवासी प्रगतिशील गन्ना किसान जगत नरायन शुक्ल कहते हैं कि गन्ने की खेती आसान होती है। इसमें लागत भी कम आती है। रिस्क कम होता है फायदा अधिक होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election
  • Downloads

Follow Us