एफसीआई का बकाया चावल लेने से इंकार

Basti Updated Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
बस्ती। एफसीआई ने मिलों पर बकाया सीएमआर चावल और लेवी लेने ने इंकार कर दिया है। डीजीएम ने खाद्य विभाग के अफसरों से कहा कि इसका फैसला अब भारत सरकार करेगी। इससे विभाग और मिलरों में खलबली मची है। आरएफसी ने फूड कमिश्नर से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
मंडल में मिलों पर सीएमआर (कस्टम मिलिंग राइस) का 2.90 लाख कुंटल और 4.50 लाख सहित कुल 7.40 लाख कुंटल मिलों पर बकाया है। विभाग पर मिलों से बकाया चावल लेने का दबाव बढ़ता जा रहा है। एफसीआई गोदामों में जगह न होने से चावल का भंडारण नहीं हो सका। चावल का भंडारण एफसीआई को ही करना है। चावल भंडारण करने के लिए प्रशासन और विभाग के अफसर एफसीआई के अफसरों को कई बार पत्र लिख चुके हैं। अफसरों को बुलाकर चेतावनी दी जा चुकी है। बावजूद समस्या का हल नहीं निकला। एफसीआई के तकनीकी प्रबंधक भास्कर का कहना है कि चावल की क्वालिटी खराब होने के कारण भंडारण नहीं हो रहा है। उधर, मिलरों का कहना है कि एफसीआई ने समय से चावल ही नहीं लिया, जिससे क्वालिटी पर असर पड़ा है। इस मुद्दे पर गुरुवार को आरएफसी एके सिंह और एफसीआई के डीजीएम बीके यादव में वार्ता हुई। आरएफसी ने बताया कि डीजीएम ने सीधे रूप में चावल और लेवी चावल लेने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि अब इसका फैसला भारत सरकार ही करेगी। बताया कि फूड कमिश्नर से इस मामले में एफसीआई को दिशा-निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

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