डीएम बोलीं, खुलेआम हो रही गैस की कालाबाजारी

Basti Updated Tue, 02 Oct 2012 12:00 PM IST
बस्ती। भारत गैस कंपनी के उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर डीएम की अध्यक्षता में सोमवार को कंपनी के अफसरों, डीएसओ और एजेंसी के संचालकों की उपभोक्ताओं के साथ बैठक हुई। कंपनी के अफसरों और एजेंसी को वितरण व्यवस्था नहीं सुधरने पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई।
डीएम एस मथुशालिनी ने कंपनी के सेल्स आफिसर हर्ष कुमार से कहा कि यहां की एजेंसी की कार्यशैली से उपभोक्ता संतुष्ट नहीं हैं। खुलेआम एक सिलेंडर हजार रुपये तक में बिक रहा है। एजेंसी के लोग जानबूझकर गैस का कृत्रिम संकट खड़ा कर रहे हैं। सिगंल गैस कनेक्शन को बिना उपभोक्ताओं की जानकारी में डीबीसी (डबल सिलेंडर का कनेक्शन) कर दिया जाता और बाद में उसी गैस को ब्लैक कर दिया जाता है। उपभोक्ता कंपनी के किस अफसर से इसकी शिकायत करें, इसकी जानकारी नहीं हो पाती। एजेंसी के यहां न तो किसी अफसर का नाम दर्ज है और न मोबाइल नंबर ही लिखा गया। डीएम ने फौरन एजेंसी पर इसकी सूचना बड़े-बड़े शब्दोें में लिखाने का निर्देश दिया। जो केवासी फार्म फ्री मिलना चाहिए, वह एजेंसी उपभोक्ताओं को बेच रही है। फार्म मिलने की पावती भी एजेंसी नहीं देती। एजेंसी को रोज वितरण और स्टाक का विवरण देने के निर्देश दिए। फर्जी और नए कनेक्शन में अधिक कीमत लेने और फोन न उठाने का भी प्रकरण भी उठा। भीड़ को देखते हुए काउंटर खोलने पर जोर दिया गया। डीएसओ पूरन सिंह, रत्नाकर धूसिया, सच्चिदानंद सिंह, गैस उपभोक्ता कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष केके उपाध्याय सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

वीआईपी लोगों पर लगाया आरोप
बस्ती। रत्नाकर गैस एजेंसी के प्रोपराइटर रत्नाकर धूसिया ने सवाल उठाया कि उनके यहां वीआईपी लोगों का सबसे अधिक दबाव रहता है। पूछा की ऐसे में क्या करना चाहिए? इस पर डीएम ने कहा कि किसी को भी नियम विरुद्ध न तो कनेक्शन और न ही सिलेंडर दिए जाए। अगर कोई इसके लिए दबाव बनाता है तो वह इसकी सूचना प्रशासन को दे। कार्रवाई की जाएगी। केवाईसी फार्म सिर्फ सोमवार को ही जमा करने पर डीएम और सेल्स आफिसर को उसकी प्रति जमा करने का निर्देश दिया। इस पर एजेंसी के संचालक तैयार हो ग।ए
इनके नाम हो सकते हैं ट्रांसफर
बस्ती। भारत पेट्रोलियम कंपनी के सेल्स आफिसर ने बताया कि कंपनी में जिस उपभोक्ता की मौत हो चुकी हो, उसके कनेक्शन का ट्रांसफर होने की भी व्यवस्था है। बताया कि अगर किसी के पति का निधन हो जाता तो पत्नी और उसके नाबालिग बच्चों के नाम पुरानी सुरक्षा धनराशि पर ही कनेक्शन ट्रांसफर होने का प्रावधान है। बशर्ते इसके लिए मृत्यु प्रमाणपत्र और एनओसी जमा करना होगा। कहा कि अगर बच्चा बालिग है तो नए दर पर सुरक्षा राशि जमा करने पर उसके नाम कनेक्शन हो सकता है। बताया कि कनेक्शन लेने पर चूल्हा लेना अनिवार्य नहीं है। नए कनेक्शन की लागत 2250 रुपये है। साथ ही यह भी बताया कि कोई भी व्यक्ति डब्लू डब्लू डब्लू डाट ई भारत गैस डाट इन की साइड खोलने के बाद रत्नाकर टाइप करके अपने विवरण का ब्योरा जान सकता है। यहां तक कि एजेंसी पर कितनी गैस आई और कितनी वितरित हुई, उसकी भी जानकारी ले सकता है।

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