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मुहूर्त का झंझट नहीं, दिन बांधें राखी

Basti Updated Wed, 01 Aug 2012 12:00 PM IST
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बस्ती। इस बार का रक्षा बंधन का त्योहार कई मायनों में खास होगा। सबसे बड़ी बात कि इस बार बहनों को राखी बांधने के लिए मुहूर्त का इंतजार नहीं करना है। श्रावण पूर्णिमा पर गुरुवार को दिन भर जब चाहें अपने भाई से रक्षा का वचन ले सकती हैं। दिन भर श्रवण नक्षत्र सोने में सुहागा माना जा रहा है। वैसे पूर्णिमा काल देखें तो यह गुरुवार को केवल सुबह 8 बजकर 31 मिनट तक ही रहेगा। इसके बाद विद्वानों के मुताबिक, तीन मुहूर्त होने से पूरे दिन पूर्णिमा का योग माना जाएगा। ऐसे में दोपहर 01 बजकर 21 मिनट से 03 बजकर 51 मिनट के बीच भी राखी बांधी जा सकती है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित जय प्रकाश द्विवेदी के मुताबिक एक अगस्त बुधवार को रात 10.49 मिनट पर श्रवण नक्षत्र लग जाएगा। जो गुरुवार को रात 10.16 मिनट तक रहेगा। श्रावण नक्षत्र सावन पूर्णिमा पर पूर्ण चंद्रमा से संयोग होता है। 27 प्रमुख नक्षत्रों में से एक श्रावण नक्षत्र बेहद शुभ माना गया है। यह नक्षत्र सभी कार्य के लिए शुभ होता है। इनमें एक भद्रा भी होता है। अक्सर रक्षाबंधन के दिन भद्रा होता है पर इस बार कोई भद्रा नहीं है। धर्मसिंधु के मतानुसार ‘रक्षा बंधनमस्यामेव पूर्णिमायां भद्रारहितायां, त्रिमूर्ताधिकोदय व्याधिन्याम् पराह्णे प्रदोषे वा कार्यम्’। पंडित द्विवेदी के मुताबिक भाई बहन के भावनात्मक रिश्तों का यह त्योहार आपसी सौहार्द और प्रेम का त्योहार है। राखी बांधते समय बहन के मन में भावना हो कि वह भाई में विद्यमान ईश्वर को राखी बांध रही है। भाई के मन में भावना हो कि वह बहन की रक्षा के अलावा समाज, राष्ट्र और समूचे जनमानस के कल्याण का प्रयास हो।

किसको बांधे रखी
राखी कच्चे सूत्र के अलावा रंगीन कलावा, रेशमी धागा और सोने-चांदी जैसी मंहगी वस्तु भी हो सकती है। सामान्यतया राखी बहनें भाई को बांधती हैं। परंतु ब्राह्मणों, गुरुओं और परिवार में छोटी लड़कियां संबंधियों जैसे बेटी पिता को राखी बांधती है। सार्वजनिक रूप से किसी नेता या प्रतिष्ठित व्यक्ति को भी राखी बांधी जाती है। प्रकृति के संरक्षण के लिए वृक्षों को भी राखी बांधने की परंपरा है। आरएसएस के पुरुष सदस्य परस्पर भाईचारे के लिए एक-दूसरे को भगवा राखी बांधते हैं।

रक्षा बंधन का श्लोक मंत्र
‘येन बद्धो बलि राजा दानवेंद्रो महाबल:
तेन त्वामभिबधभनामि रक्षे मा चल मा चल।।’
रक्षा सूत्र बांधते समय सभी आचार्य एक श्लोक का उच्चारण करते हैं। इसमें रक्षाबंधन का संबंध राजा बलि से स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है। यह श्लोक रक्षाबंधन का अभीष्ट मंत्र है। श्लोक में कहा गया है कि जिस रक्षा सूत्र से महान शक्तिशाली दानवेंद्र राजा बलि को बांधा गया था, उसी रक्षा बंधन से मैं तुम्हें बांधता हूं। जो तुम्हारी रक्षा करेगा।

कैसे करें रक्षाबंधन
प्रात: शुभ मुहूर्त में लड़कियां पूजा की थाली सजाती हैं। थाली में राखी के साथ रोली या हल्दी, कुमकुम, चावल, दीपक, मिठाई होती है। भाई तैयार होकर पूजा स्थल पर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठें। पहले अभीष्ट देवता की पूजा की जाएगी। इसके बाद बहनें भाई को कुमकुम, हल्दी, अक्षत का टीका करके सिर पर चावल छिड़कती हैं। बहनें उत्तर दिशा की ओर मुंह करके भाई की आरती उतारती हैं। इसके बाद दाहिने हाथ की कलाई में रक्षा सूत्र बांध करके भगवान से पूर्ण रक्षा की कामना करती हैं। भाई बहन को उपहार पैसे आदि देता है। साथ ही उम्र भर रक्षा का वचन देता है।

बाजार में छाई बहार
रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर बाजार में रौनक बढ़ गई है। दुकानाें पर सजी रंग-बिरंगी राखियां भाई बहनों को आकर्षित कर रही हैं। बाजार में चंदन, सटोन, टेडीवियर, मौली के धागे, सटोन वाले धागे के अलावा बच्चों के लिए लाइट वाली, म्यूजिक वाली, डोरेमान, कुंदन, एंगरी वर्ड राखियाें का खास क्रेज है। दुकानों पर पांच रुपये से लेकर दो सौ रुपये तक की राखियां बिक रही हैं। वहीं ज्वेलर्स के यहां सोने-चांदी के वर्क वाली महंगी राखियां भी मौजूद हैं।

राशिवार बांधे राखी
मेष- लाल, गुलाबी, पीली राखी बांधें और पीले रंग का रुमाल दें।
वृष-सफेद, नीली, रेशमी या चांदी की चमकीली राखी बांधें और सफेद, रेशमी रुमाल दें।
मिथुन- हरी, नीली और गुलाबी राखी बांधें और हरा रुमाल दें।
कर्क-सफेद, पीली, चमकीली या रेशमी राखी बांधें और सफेद या पीली रुमाल दें।
सिंह- लाल, मरहूम या पीली राखी बांधें और गुलाबी रंग की रुमाल दें।
कन्या- सफेद, हरी या गुलाबी राखी बांधें और गुलाबी या सफेद रुमाल दें।
तुला-सफेद नीली या चमकीली राखी बांधें और सफेद या नीली रुमाल दें।
वृश्चिक- लाल, गुलाबी या पीली राखी बांधें और सुर्ख लाल रुमाल दें।
धनु- पीली, लाल या गुलाबी राखी बांधें और पीला रुमाल दें।
मकर- नीली, चमकीली या सफेद राखी बांधें औी पीली रुमाल दें।
कुंभ- सफेद या नीली राखी बांधें और नीला रुमाल दें।
मीन- पीली या गुलाबी राखी बांधें और पीला या गुलाबी रंग की रुमाल दें।

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