गड़ा शव निकाल होगा पोस्टमार्टम

Basti Updated Sat, 21 Jul 2012 12:00 PM IST
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बस्ती। दो साल पहले हुई हत्या में इंसाफ की उम्मीद की किरण फूट चुकी है। तभी से जमीन में दफन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए चल रहा प्रयास रंग लाने लगा है। श्जिला प्रशासन ने अधिकारियों और कानूनी विशेषज्ञों से मशवरा करके विवाद का हल निकालने का फैसला किया है। इसके लिए सोमवार का दिन निर्धारित किया गया है।
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सोनहा थानाक्षेत्र के परसाखाल निवासी सोनू नाम के युवक की 2010 में दिल्ली में हत्या हो गई थी। उसके साथियों ने एंबुलेंस से शव को घर पहुंचा दिया था। घर के परिजनों ने हड़बड़ी में उसके शव को जमीन में गाड़ दिया। बाद में उसके परिजन उन लोगों पर हत्या का आरोप लगाने लगे जो उसको साथ लेकर दिल्ली गए थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया तो कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर सोनहा पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा तो दर्ज कर लिया मगर, शव का पोस्टमार्टम न होने से केस उलझ गया। पुलिस बिना न्यायालय के आदेश के जमीन में गाड़ी गई लाश निकाल नहीं सकती। अधिकारियों से उम्मीद टूटने के बाद वादी धर्मपाल के अधिवक्ता कुंवर ब्रह्मदेव उपाध्याय कलेक्ट्रेट के सामने 18 जुलाई को आमरण अनशन पर बैठ गए। गुरुवार को एसडीएम सदर सोमदत्त मौर्य अनशन स्थल पर गए और वार्ता की। इसके बाद एसडीएम ने डीजीसी क्रिमिनल, क्रिमिनल के चार अधिवक्ताओं के अलावा सीओ रुधौली, एसओ सोनहा के साथ सोमवार को बैठक करने का निर्णय लिया। एसडीएम के मुताबिक अगर रायशुमारी में दो साल पहले दफन की गई लाश को निकालकर पोस्टमार्टम कराने का कोई विधिक प्रावधान निकल पाएगा तो उस पर अमल किया जाएगा।
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