ग्राम समाज की जमीन बचाने को सड़क पर उतरीं महिलाएं

Basti Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
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कप्तानगंज/महराजगंज। महुलानी बुजुर्ग गांव में ग्राम समाज की जमीन को लेकर शुरू हुई जंग गंभीर रुख अख्तियार करती जा रही है। गांव के लोगों ने इस जमीन को नाक का सवाल बना लिया है। जबकि कब्जाधारी सत्ता बल के बूते किसी भी हद तक जाने को तैयार है। हालात यहां तक बिगड़ चुके हैं कि पुरुषों को पीछे कर महिलाएं खड़ी हो गई हैं। तीन दिन के भीतर दूसरी बार मंगलवार को इसका उदाहरण देखने को मिला।
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इसके पहले रविवार की तरह तीन दर्जन से अधिक महिलाएं नारेबाजी करती हुईं फिर विवादित मकान के सामने पहुंच गई थीं। उनमें सुहाग महिला ग्राम संगठन की सदस्य भी थीं, जो गांव की समस्याओं को लेकर आवाज उठाता रहता है। बताया जा रहा है कि वे लोग वहां बची हुई झोपड़ी उजाड़ना चाहती थीं। हालांकि दूसरे पक्ष से भी कुछ महिलाएं निकल पड़ीं और ढेला, गुम्मा फेंका जाने लगा। कुछ महिलाओं को मामूली चोटें भी आईं। इसमें ग्राम प्रधान रमेश चंद्र की पत्नी आरती भी शामिल हैं। कुछ महिलाओं ने सड़क पर फूस जलाकर गुस्से का इजहार किया। इससे पहले कि वहां पुलिस पहुंचती, दोनों पक्ष इधर-उधर हो गए।
क्या है असली विवाद
बस्ती। महुलानी बुजुर्ग में असली विवाद वर्चस्व की लड़ाई है। ग्रामीणों के मुताबिक, रखिया निवासी सपा नेता सुरेंद्र यादव काफी दिनों से महुलानी में सड़क के किनारे खाली पड़ी ग्राम समाज की जमीन पर छप्पर रखकर डीजल आदि की दुकान करते थे। धीरे-धीरे उस पर दीवार बना लिया। अब वे पूरी इमारत बनाने की फिराक में हैं। गांव में इसे लेकर सुगबुगाहट शुरू हुई कि दूसरे गांव का व्यक्ति उनके गांव की जमीन पर क्यों कब्जा करेगा? लोगों के दबाव पर ग्राम प्रधान रमेश चंद्र ने मकान का काम रोक दिया। इसके बाद से ग्राम प्रधान और सपा नेता में ठन गई। ग्रामीणों की मानें तो इसी पेशबंदी में मनरेगा के तहत बनाई जा रही नाली का काम रोका गया। ग्राम प्रधान पर फर्जी मुकदमा कायम कराया गया। उसमें सीओ कलवारी पर भी पक्षपात का आरोप लगाया जा रहा है। ग्राम प्रधान पर एक के बाद एक मुकदमा होने और पक्षपात पूर्ण रवैए को देख अब महुलानी के गांव के लोग एक जुट होने लगे हैं। उन लोगों ने इस मामले को नाक का सवाल बना लिया है। सबसे हैरत की बात यह है कि ग्रामीणों के इस कदर उग्र होने के बावजूद राजस्व विभाग के कानों पर जूं नहीं रेंग रहा है। हालांकि मुकामी पुलिस इस मामले में दोनों पक्षों को पाबंद कर दिया है।
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