विज्ञापन

कंटीला तार लगाने के नाम पर हुआ ‘खेल’

Basti Updated Wed, 18 Jul 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
बस्ती। वन विभाग में एक और गोलमाल का खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय राज मार्ग पर पेड़ों की सुरक्षा के लिए लगाए गए कंटीले तारों में लाखों रुपये का बंदरबांट हुआ है। जांच में पता चला है कि कागजों में तो दोनों तरफ के पेड़ों की घेराबंदी कर दी गई मगर, हकीकत में सिर्फ एक तरफ ही तार लगाए गए। बंडल का बंडल तार बेच दिया गया। इस मामले में वन संरक्षक ने डीएफओ से स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि पर्यावरण संरक्षण और एनएच के दोनों तरफ छायादार वृक्ष लगाने की जिम्मेदारी वन विभाग की है। फोर लेन निर्माण के समय जो पेड़ काटे गए, उसके स्थान पर नए पेड़ वन विभाग को लगाने हैं। एक पेड़ के बदले चार पेड़ लगाने हैं। पौधा जब तक पेड़ की शक्ल न ले ले तब तक उसकी सुरक्षा वन विभाग को करनी है। चार से पांच फुट की दूरी पर एक पौध लगना है। नियमत: जितनी दूरी पर पौध लगे हैं, उसकी सुरक्षा के लिए उसके चारों ओर कंटीले तार लगाने हैं ताकि कोई जानवर पौधे को नुकसान न पहुंचा सके। पेड़ लगा कि नहीं और उसकी सुरक्षा हो रही है कि नहीं, इसकी निगरानी खुद सुप्रीम कोर्ट कर रहा है। पौधों की सुरक्षा और पौध लगाए जाने के संबंध में प्रदेश सरकार कोर्ट में हलफनामा दायर कर चुकी है।
अब एक नजर वन विभाग की जिम्मेदारी पर भी डालें। विभाग ने धन के बंदरबांट के लिए सिर्फ सड़क की तरफ कंटीला तार लगा दिया ताकि आने-जाने वालों को तार लगे दिखाई दें। खेत की तरफ तार नहीं लगाए गए। इसका नतीजा है पौधे जानवर चर जा रहे हैं। कई स्थानों पर तो ब्रिक गार्ड तक गिर चुके हैं। वन संरक्षक महेंद्र सिंह कहते हैं कि कंटीले तारों के न लगने की शिकायत की जांच की गई तो वाकई एक तरफ ही तार लगाए गए हैं। डीएफओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अब तक जवाब नहीं दिया। विभाग के आला अफसरों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। कहते हैं कि जिस तरह से किसान जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों को कंटीले तार से घेरा बंदी करता है ठीक उसी तरह से पौधों की सुरक्षा करनी है।

धडल्ले से बिक रहा है कंटीला तार
एनएच के किनारे पौध लगाने के लिए इसे तीन रेंज में बांटा गया है। हर्रैया, कप्तानगंज वह बस्ती को रेंज बनाया गया है। जिसकी कुल लंबाई 40 किमी. है। वन संरक्षक की माने लगभग सभी रेंज में कंटीले तार लगाने में अनियमितता बरती गई है। सूत्रों की मानें तो कप्तानगंज और महराजगंज के बीच में एक-एक बंडल तार को 600-600 रुपये में बेचा गया है। वन विभाग के इस खेल से पर्दा जांच के बांद ही खुलने का दावा किया जा रहा है।

Recommended

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से
ज्योतिष समाधान

क्या आप अपने करियर को लेकर उलझन में हैं ? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से
ज्योतिष समाधान

जानें क्यों होता है बार-बार आर्थिक नुकसान? समाधान पायें हमारे अनुभवी ज्योतिषिचर्या से

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Basti

सब्जी विक्रेता के बेटे की मौत के बाद हंगामा

घटना के बाद नाराज लोगों ने बांसी रोड पर जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।

22 मार्च 2019

विज्ञापन

रायबरेली की आधी आबादी ने गिनाईं अपनी समस्याएं, कहा इन पर सरकार करे काम

अमर उजाला का चुनावी रथ यूपी के रायबरेली पहुंचा। जहां पर आधी आबादी में महिलाओं ने सुरक्षा का सवाल उठाया। साथ ही महिलाओं ने कहा कि महिलाओं को बराबरी का भी दर्जा मिले।

22 मार्च 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree