इस्माइलपुर में सरकारी भूमि दबंगों के नाम!

Basti Updated Fri, 06 Jul 2012 12:00 PM IST
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बस्ती। ग्राम इस्माइलपुर में बड़े पैमाने पर सरकारी जमीन को फर्जी तरीके से अपने नाम कराने का मामला प्रकाश में आया है। काश्तकारों ने डीएम और चकबंदी कमिश्नर से गांव की चकबंदी निरस्त और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। सीओ ने बताया कि अभिलेखों की जांच हो रही है। वहीं एसीओ कहते हैं कि परेशान करने की नीयत शिकायत की गई है।
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बालकृष्ण चौधरी अधिवक्ता, प्रमात्मा प्रसाद, शिव सागर, रामनाथ, मैनुल्लाह सहित तीन दर्जन से अधिक काश्तकारों ने सबूत के साथ डीएम से मिले। कहा कि ग्राम इस्माइलपुर तप्पा कुदरहा परगना महुली पश्चिम तहसील बस्ती की जिल्द रिकार्ड आपरेशन की खतौनी के गाटा संख्या 153 नई परती के नाम कुल 69 गाटा, जिसका रकबा 7.23 हेक्टेअर अंकित है। मगर ग्राम की खतौनी फसली वर्ष 1412 से 1417 के खाता संख्या 161 में नवीन पीती के नाम मात्र 27 गाटा रकबा 1.12 हेक्टेअर की दर्ज है। बताया कि 42 गाटा की 6.11 हेक्टेअर जमीन कहां गई? इसका पता नहीं चल रहा है। चकबंदी वालों ने अवशेष गाटे को विभिन्न काश्तकारों के नाम दर्ज कर दिया। जबकि रिकार्ड आपरेशन वर्ष 1985 के पश्चात किसी के नाम पट्टा ही नहीं हुआ है। काश्तकारों ने बताया कि 6.11 हेक्टेअर सरकारी जमीन जिसकी कीमत करोड़ों में है तो गांव के कुछ लोग फर्जी पट्टा दिखाकर अपने नाम करा लिए हैं। बताया कि चकबंदी कर्मियों ने पंचायत भवन, स्कूल, नदी, नाला तक की मालियत लगा दी। काश्तकारों इसकी शिकायत चकबंदी आयुक्त से भी की है। वहीं सीओ धीरेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जबकि एसीओ पुल्लीराम ने आरोप को झूठा बताया है। कहा कि कानून के हद में रहकर नियम के तहत काम किए गए हैं। कहीं भी किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है। परेशान करने की नीयत से झूठा आरोप लगाया जा रहा है।
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