पहचान में हुई भूल, रोते-रोते गुजारी रात

Basti Updated Wed, 04 Jul 2012 12:00 PM IST
बनकटी। लालगंज पुलिस को सोमवार की रात अज्ञात लाश की वजह से अजीबोगरीब स्थिति से दो चार होना पड़ा। नगर थानाक्षेत्र के महादेवा गांव निवासी एक परिवार अज्ञात लाश को अपना मानकर पूरी रात रोता बिलखता रहा। सुबह पता चला कि वह तो कोई और ही है। पुलिस ने अज्ञात मानकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना पड़ा।
जानकारी के मुताबिक, लालगंज थानाक्षेत्र के महसों कस्बे से दबिला घाट जाने वाले रास्ते पर अधेड़ की लाश मिली। लाश महसों से आगे जाने पर खलंगवा रास्ते के बगल राम लौट चौधरी के गन्ने के खेत के मेड़ पर औंधे मुंह पड़ी थी। चेकदर लुंगी और कमीज पहले व्यक्त की उम्र करीब 55 साल आंकी गई। मजबूत कद काठी के उस व्यक्ति के मुंह और नाक से खून निकल रहा था। स्थानीय लोगों ने लाश मिलते ही आसपास के लोगों को जानकारी दी। रात में ही दबिला, पिपरा गौतम, महादेवा, धौरहरा आदि गांवों के दर्जन भर लोग पहचान करने जुट गए। उन्हीं में महादेवा निवासी अंगद निषाद पुत्र साहबदीन और उसकी बहन भी वहां पहुंच गई। दोनों ने उसकी पहचान अपने भाई दारा के रूप में की। दारा जमकर शराब पीने का आदी है और उस दिन घर नहीं पहुंचा था। भाई-बहन पहचान करने के बाद शव से लिपटकर रोने लगे। वहां जुटे तमाम लोग भी संवेदना व्यक्त करने लगे। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और लालगंज थाने ले गई। इधर, वे दोनों भाई-बहन घर लौट गए और गांव में भी पूरी रात कोहराम मचा रहा। मंगलवार को सुबह फिर उन दोनों को थाने बुलवाया गया। मगर वे जब थाने पहुंचे तो सभी अवाक रह गए। उन दोनों ने लाश को पहचानने से इनकार कर दिया। शव मिलने से अधिक चर्चा भाई-बहन की चूक की होती रही। बताया जा रहा है कि रात में ही घर वालों को दारा के जिंदा होने की खबर मिल गई थी।

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