राजस्व की क्षति में फंसे बलिया के एडीएम!

Basti Updated Fri, 15 Jun 2012 12:00 PM IST
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बस्ती। कम स्टांप लगाकर सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाने के मामले में जिले के तत्कालीन एडीएम तथा वर्तमान में बलिया के जिलाधिकारी पीसी श्रीवास्तव फंसते नजर आ रहे हैं। उन पर आरोप है कि इस जिले में एडीएम रहते हुए उन्होंने एक मामले में सब रजिस्ट्रार की रिपोर्ट को दरकिनार कर नियम के खिलाफ जाकर आदेश जारी कर दिया था। मामले का खुलासा होते ही डीएम ने इस आदेश के खिलाफ अपील करने का निर्देश दिया है।
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मामला सदर तहसील के ग्राम बसिया का है। 22 सितंबर 2011 को शांती देवी और साधना चौरसिया ने बसिया में दीनानाथ साहू से 0.195 हेक्टेअर भूमि का बैनामा कराया। व्यवसायिक जमीन को कृषि दर्शाया गया। जब इसकी जांच उप निबंधक एसके त्रिपाठी ने की तो इसकी कलई खुली। सब रजिस्ट्रार एसके त्रिपाठी के मुताबिक जमीन सड़क के किनारे है, जबकि सामने पेट्रोल पंप है। आसपास आबादी भी बसी हुई है। जमीन की मालियत 65 लाख 95 हजार 500 रुपये आंकी गई। इस पर छूट के बाद 441720 रुपये का स्टांप लगना चाहिए था। जबकि पक्षकार ने मात्र 85500 रुपये का ही स्टांप लिया। इस तरह 356220 रुपये के स्टांप की चोरी की गई। उप निबंधक ने मौके का फोटोग्राफ सहित अन्य साक्ष्यों के साथ क्रेता से स्टांप कमी वसूलने और स्टांप वाद दाखिल करने की सिफारिश की। अपर जिलाधिकारी न्यायालय में वाद संख्या 5/455 धारा 47 ए 3 भारतीय स्टांप अधिनियम के तहत दाखिल हुआ। 16 मार्च 2012 को वाद का फैसला करते हुए तत्कालीन एडीएम पीसी श्रीवास्तव ने कहा कि इसमें किसी प्रकार के स्टांप की चोरी नहीं की गई। स्टांप शुल्क पर्याप्त लगाया गया है। मामला जब वर्तमान एडीएम और डीएम के पास पहुंचा तो दोनों अफसरों ने माना कि फैसला राजस्व हित में नहीं हुआ। डीएम एस. मथुशालिनी ने बताया फैसला जमीन की पोटेंशिएल को ध्यान में रखकर करना चाहिए। कहा कि निर्णय के खिलाफ कमिश्नर न्यायालय में अपील कराई जाएगी। वहीं डीजीसी राजस्व शब्बीर अहमद ने बताया कि वह अपील करने की तैयारी करने में जुट गए हैं।
डीजीसी राजस्व से कराएंगे परीक्षण : एडीएम
बस्ती। डीएम और एडीएम को इस बात की शिकायत मिली कि स्टांप से संबंधित वादों में तत्कालीन एडीएम की ओर से सरकार के पक्ष को अनदेखी कर आदेश पारित किए गए हैं। इससे राजस्व को भारी क्षति हुई है। दोनों अफसरों से स्टांप वादों में पारित आदेश का परीक्षण तथा रिब्यू कराने की मांग की गई है। एडीएम राम इकबाल सिंह ने बताया कि राजस्व हित को देखते हुए डीजीसी राजस्व से पारित आदेशों का परीक्षण करने को कहा गया है।
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