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जीएसटी के दायरे में आने से कपड़ा व्यापारी परेशान

Updated Mon, 05 Jun 2017 06:23 PM IST
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जीएसटी लागू होने से कपड़ा व्यापारी सबसे ज्यादा परेशान हैं। अब तक मुक्त होकर व्यापार कर रहे व्यवसायियों को रजिस्ट्रेशन के साथ ही हिसाब किताब भी रखना होगा। इसके दायरे में छोटे बड़े लगभग 200 कारोबारी आ रहे हैं।
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पहली जुलाई 2017 से लागू होने वाले जीएसटी को लेकर सबसे अधिक परेशान साड़ी और कपड़ा कारोबारियों को हो रही है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष आनंद राजपाल कहते हैं कि कपड़ा कारोबार को जीएसटी के दायरे में नहीं लाना चाहिए और न इस पर कोई टैक्स लगाना चाहिए। बताया कि इससे सरकार को राजस्व तो मिल जाएगा मगर इसका बोझ आम उपभोक्ता पर बढ़ेगा। रेडीमेड कपड़ों का कारोबार करने वाले राजेंद्र मोदी कहते हैं कि इससे व्यापारियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वाणिज्यकर विभाग के सहायक आयुक्त आलोक कुमार तिवारी ने बताया कि साड़ी सहित अन्य कपड़े का कारोबार करने वालों को रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। बताया कि जीएसटी लगने के बाद सामान तो सस्ते होंगे ही साथ इससे रोड परमिट की समस्या समाप्त हो जाएगी, जिसे लेकर कारोबारी परेशान रहते थे। बताया कि इस नई व्यवस्था से माल मंगाने के लिए फार्म 38 स्वत: समाप्त हो जाएगा, व्यापारी कहीं से बिल के जरिए माल खरीद कर खुद या ट्रांसपोर्ट के जरिए ला सकता है।

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