भगवान भरोसे ट्रैफिक फिर फंसे जाम में

बरेली।   Updated Fri, 17 Feb 2017 01:23 AM IST
Then stranded in traffic jams trust God
Then stranded in traffic jams trust God - फोटो : बरेली, अमर उजाला
शहर के ट्रैफिक को सुधारने के लिए  प्रशासन भले ही लाख दावे कर ले मगर यहां सब भगवान भरोसे ही चल रहा है। प्रमुख चौराहों पर लगी ट्रैफिक लाइट हो गई बेकार हो गई हैं। रही कसर ट्रैफिक पुलिस पूरी कर रही है। कोई सिस्टम काम ही नहीं कर पा रहा है। इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है पब्लिक को। आए दिन जाम से शहर की रफ्तार थम रही है।
बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे के बाद सेटेलाइट पर वाहनाें की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस के इक्का-दुक्का जवान मौके पर थे पर उन्होंने जाम खुलवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। नकटिया रोड, पीलीभीत बाईपास और शाहजहांपुर रोड जाने वाले वाहन फंस गए। दोपहर में रोडवेज से रवाना होने वाली कई जिलों की बसें भी जाम की वजह से फंस गई। चुनाव ड्यूटी से लौट रहे बीएसएफ जवानाें ने बसों से निकलकर ट्रैफिक व्यवस्था संभाली तो दोपहर दो बजे के बाद राहत मिल पाई।  
 चुनाव ड्यूटी के बाद बृहस्पतिवार को फोर्स लौटने का सिलसिला शुरू हुआ। कुछ फोर्स शाहजहांपुर की तरफ जानी थी। इन्हें बसों से रवाना किया गया। बसें चौकी चौराहा होते हुए बियावानी कोठी से मालियों की पुलिया, सेटेलाइट की ओर गए। बसें सेटेलाइट से आगे बढ़ीं तो एक बस उल्टी दिशा से आ गई। इसके खड़े होते ही जाम लगना शुरू हो गया।  देखते-देखते जाम बढ़ता गया। मालियों की पुलिया से ईसाइयों की पुलिया होते हुए सेटेलाइट तक दोनों तरफ सड़क पर जाम लग गया। फरीदपुर की तरफ जा रहे बीएसएफ के वाहन भी जाम में फंस गए। वाहनों की लंबी कतारें लगने लगीं तो बीएसएफ के जवान वाहनों से सड़क पर आ गए और जाम खुलवाने लगे। एक जवान तो बाकायदा तिराहे पर सीटी बजाकर वाहनों को इधर-उधर पास कर रहा था, तब कहीं जाकर जाम खुल पाया और लोगों ने राहत की सांस ली।

इन्हें  वसूली से ही फुर्सत नहीं
सेटेलाइट चौराहे पर बने पुलिस बूथ पर सिपाही बैठे तो रहते हैं, लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में इनकी कोई दिलचस्पी नहीं होती। वाहन अपने आप इधर-उधर होते रहते हैं। सेटेलाइट बस स्टैंड के बाहर लगने वाले ठेले और फड़ वालों से वसूली करने में ही सिपाही व्यस्त रहते हैं। रोडवेज प्रशासन द्वारा लगातार अनाउंसमेंट के बाद भी स्टैंड के सामने से इन्हें हटाया नहीं जाता है। 

सभी जगह यही हाल 
पटेल चौक
यहां चारों दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए ट्रैफिक सिगनल लगाए गए हैं। कभी तो लाइट जल जाती है लेकिन अधिकतर समय ट्रैफिक सिगनल बंद रहते हैं। टाइमर भी नहीं चलता। लोग यहां अपनी मर्जी से आते और जाते हैं। सामने पुलिस बूथ है लेकिन ट्रैफिक कंट्रोल तभी करते हैं जब जाम लग जाता है। शौचालय के सामने लगा ट्रैफिक सिगनल तो अब टूटा तब टूटा की स्थिति में है। ये किसी के ऊपर भी गिर सकता है। 
 
चौकी चौराहा 
यहां लगे ट्रैफिक सिगनल में कभी टाइमर चलता है तो कभी नहीं। टाइमिंग सेकेंड भी अपने आप बढ़ और घट जाती है। ट्रैफिक स्टापेज का समय 120 की जगह 90 हो जाता है। ग्रीन सिग्नल होने पर 20 से 25 सेकेंड का समय मिलता है। अधिकतर बार तो टाइमर चलता ही नहीं है, लोग सीधे ग्रीन सिगनल होने पर चलते हैं इससे पेट्रोल भी खर्च होता है। 

जांच अभी ठंडे बस्ते में बंद है 
इंडियन रोड कांग्रेस के मानकों की अनदेखी करके शहर में ट्रैफिक लाइटें लगाई गई। नगर निगम ने 52 लाख रुपए से इन लाइटों को खरीदने के लिए खरीद प्रक्रिया को बदल डाला। एक साथ लाइट न खरीदकर टुकड़ों में खरीदा गया ताकि शासन से अनुमति न लेना पड़े। जागर जनकल्याण समिति के सचिव डॉ. प्रदीप जागर ने जब मुख्यमंत्री के जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत की तो मुख्यमंत्री के आदेश पर प्रमुख सचिव नगर विकास ने डीएम को पत्र लिखकर जांच शुरू करवाई। डीएम ने जांच नगर आयुक्त को सौंपी। लेकिन यह मामला अभी भी ठंडे बस्ते में बंद है। इसकी आख्या पूर्व डीएम पंकज यादव ने नगर आयुक्त से मांगी थी।

ट्रैफिक लाइट लगाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन इसको मेनटेन करना यातायात विभाग का काम है। 
डॉ. आईएस तोमर, मेयर 

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Meerut

चालान काटने पर महिला कांस्टेबलों पर भड़के भाजपाई

चालान काटने पर महिला कांस्टेबलों पर भड़के भाजपाई

18 फरवरी 2018

Related Videos

यूपी के इस शहर में राजनाथ सिंह ने फहराया सबसे ऊंचा तिरंगा

रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 44 वें स्थापना दिवस समारोह में शिरकत करने गृहमंत्री राजनाथ सिंह बरेली पहुंचे।

17 फरवरी 2018

Switch to Amarujala.com App

Get Lightning Fast Experience

Click On Add to Home Screen