विज्ञापन
विज्ञापन

मतगणना रिकार्ड में हेराफेरी से भाजपा में हलचल

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Mon, 19 Aug 2019 01:39 AM IST
ख़बर सुनें
बरेली। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी को लिखे गए पत्र की भाषा यूं तो बेहद सामान्य है, लेकिन प्रशासनिक और राजनीतिक हल्कों में उम्मीद जताई जा रही है कि यह चिट्ठी आने वाले समय कोई बड़े गुल खिला सकती है। दरअसल यह चिट्ठी इस बात की ओर साफ इशारा है कि अगर संतोष गंगवार कांटे के मुकाबले में फंसे होते तो निर्वाचन तंत्र की ऐसी चूक उन पर भारी भी पड़ सकती थी। फिलहाल कोई यह बात आधिकारिक तौर पर कह नहीं रहा है, लेकिन भाजपा नेताओं के बीच साजिश की आशंकाएं भी जताई जा रही हैं। यह जांच कराने पर भी जोर दिया जा रहा है कि कहीं और बूथों पर भी तो ऐसी ही हेराफेरी नहीं हुई है।
विज्ञापन
कालीबाड़ी के विष्णु बाल सदन के बूथ नंबर 290 के कक्ष संख्या एक में भाजपा प्रत्याशी को सिर्फ पांच वोट मिलने के मामले में केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की ओर से लिखे गए पत्र पर जिला प्रशासन की ओर से भले ही बड़े सहज ढंग से दिए गए जवाब में इसे विष्णु बाल सदन मतदान केंद्रों के दो बूथों के वोटों का रिकॉर्ड आपस में इधर-उधर हो जाने का मामला बता दिया गया हो, लेकिन अंदरखाने यह प्रशासन के अफसर भी मान रहे हैं कि मतगणना के आंकड़ों को दर्ज करने की जो प्रक्रिया है, उसमें यह चूक होना मुश्किल है। फिर भी यह चूक हुई तो काफी गंभीर मामला है। बहरहाल संतोष गंगवार की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी को इस बाबत पत्र लिखे जाने से यह साफ हो गया है कि प्रशासन को इस मामले में बाकायदा जांच करानी पड़ेगी और इस वजह से यह मामला निर्वाचन आयोग तक भी पहुंचेगा। ऐसी स्थिति में निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े बड़े अफसरों को भी इस मामले में अपनी भूमिका स्पष्ट करनी होगी।
उधर, भाजपा नेता यह कहकर इस मामले में साजिश होने की आशंका जता रहे हैं कि लोकसभा चुनाव में ज्यादातर सरकारी अफसर यूपी के साथ मंडल की ज्यादातर सीटों पर सपा-बसपा गठबंधन की जीत का दावा कर रहे थे। सिर्फ बरेली सीट पर ही भाजपा प्रत्याशी को मजबूत माना जा रहा था। लिहाजा यह हो सकता है कि संतोष गंगवार को हराने के लिए कोई साजिश की गई हो। अगर उनके और उनके प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार के बीच 1.67 लाख वोटों जैसा बड़ा अंतर न होता तो कालीबाड़ी जैसी वोटों की यह लौट-पलट उनका काम तमाम कर सकती थी। यह भी गौरतलब है कि विष्णु बाल सदन पोलिंग स्टेशन प्रदेश के वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल का आवासीय इलाका है। हालांकि वित्त मंत्री उन दिनों शहर में नहीं थे लेकिन मतगणना परिणाम आने के बाद यह सवाल भी उठे थे कि उनके इलाके में भाजपा को इतने कम वोट कैसे मिले।

पत्र लीक होने पर भाजपाई नाराज
भाजपा नेताओं ने डीएम कार्यालय से मंत्री का पत्र लीक होकर मीडिया तक पहुंचने पर भी आश्चर्य जताया है। उनका कहना है कि हो सकता है कि इसमें भी सिस्टम कोई सियासत कर रहा हो। भाजपाइयों ने डीएम के उस बयान को भी गैर जिम्मेदाराना बताया है जिसमें उन्होंने इसे वोटों के आंकड़े इधर-उधर हो जाने की बात कही थी। उनका कहना है कि इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि चुनाव में केंद्रीय मंत्री के खिलाफ कोई साजिश तो नहीं रची गई थी।

चार घंटे रुका रहा था परिणाम, डटे रहे थे संतोष
भाजपा नेताओं का कहना है कि 23 मई को मतगणना के दिन शाम तक सब कुछ साफ हो गया था। इसके बावजूद जिला निर्वाचन अधिकारी ने परिणाम घोषित करने और आंकड़े क्रमबद्ध करने के नाम पर चार घंटे से ज्यादा वक्त लगा दिया था। भाजपा प्रत्याशी संतोष गंगवार इसके चलते काफी देर मतगणना स्थल पर ही रुके रहे और फिर खिन्न होकर वापस चले आए थे। रात करीब 11 बजे परिणाम अधिकृत तौर पर घोषित कर उन्हें प्रमाण पत्र दिया गया था।

तो अब फार्म सी 07 ही गलत हो गया
चार घंटे से ज्यादा समय तक आंकड़े दुरुस्त करने के नाम पर चुनाव परिणाम घोषित नहीं किया गया। मतगणना अभिकर्ताओं से कह दिया गया कि अभी आंकड़े मिलाए जा रहे हैं जबकि विपक्षी प्रत्याशी शाम होने से पहले ही वहां से खिसकने लगे थे। फार्म सी 07 पर बूथवार आंकड़े भी पूरे अध्ययन के बाद ही भरे जाते हैं जिसके बाद ही निर्वाचन अधिकारी और संबंधित स्टाफ के इस पर हस्ताक्षर होते हैं। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी भी इस हस्ताक्षर करते हैं। सवाल उठ रहा है कि कड़ी प्रक्रिया के बावजूद यह चूक कैसे हो गई।

संतोष जी का समर्थन करता हूं.. ईवीएम में गड़बड़ी हुई: ऐरन
कांग्रेस प्रत्याशी प्रवीण सिंह ऐरन ने कहा है कि वह इस मामले में संतोष जी के पत्र का समर्थन करते हैं। कांग्रेस और उन्होंने पहले ही ईवीएम में हेराफेरी होने की आशंका जता दी थी। जो वोट उनके होने चाहिए थे, उन्हें दूसरे के खाते में दिखा दिया गया। इस तरह की गड़बड़ी से सिर्फ कालीबाड़ी में नहीं बल्कि सभी स्थानों पर परिणाम पलट गए। इससे यह भी साफ हो गया है कि मशीनों में वाकई गड़बड़ी थी।

संतोष बोले- ईवीएम में नहीं रिकार्ड में बताई थी गड़बड़ी
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार का कहना है कि अब प्रशासन इस मामले में चूक मान रहा है लेकिन यह गंभीर विषय है। किसी के वोट किसी दूसरे प्रत्याशी के कॉलम में न चढ़ जाएं या ऊपर नीचे न हों, यही देखना अफसरों का काम है। ऐसा होता है तो सरकार और सिस्टम दोनों बदनाम होते हैं। इसी कारण हमने यह पत्र लिखा है। जवाब आने का इंतजार है। ईवीएम में किसी तरह की कोई गड़बड़ी न थी न है। मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और न पत्र में ऐसी आशंका जताई है। कुछ ऐसे अज्ञानी लोग इस पर बेवजह बोल रहे हैं जो सिस्टम के बारे में जानते ही नहीं या उनके पत्र का उन्हें ज्ञान नहीं हैं। कुछ भी बोलना आसान होता है। पत्र उन्होंने लिखा है, इस पर प्रतिक्रिया कोई और करे तो समझ में आना चाहिए कि ऐसा क्यों हो रहा है।

कितने बूथों की गिनती और इधर-उधर हुई डीएम बताएं: भगवत
गठबंधन प्रत्याशी भगवत सरन गंगवार ने कहा है कि डीएम को यह भी बताना चाहिए कि कितने और बूथों पर गिनती में ऐसी ही गड़बड़ी हुई है। हर कोई जानना चाहता है कि बरेली लोकसभा क्षेत्र में और ऐसे कितने बूथ हैं, जिनके वोट इधर से उधर हो गए हैं। वह भी अपने आंकडे़ निकलवा रहे हैं, फिर उनका मिलान भी कराएंगे। आज वह बाहर हैं, लेकिन मंगलवार तक लौट आएंगे और फिर डीएम से मिलकर इस बारे में बात भी करेंगे।
विज्ञापन

Recommended

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार ही है कॉमकॉन 2019 की चर्चा का प्रमुख विषय
Invertis university

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार ही है कॉमकॉन 2019 की चर्चा का प्रमुख विषय

सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर
Astrology Services

सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Bareilly

लखनऊ-दिल्ली के बीच पांच अक्टूबर से दौड़ेगी तेजस एक्सप्रेस, यह होगी समय सारणी

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए लखनऊ और नई दिल्ली के बीच नई तेजस एक्सप्रेस हफ्ते में छह दिन चलाने का फैसला किया है।

23 सितंबर 2019

विज्ञापन

Chinmayanand Case| ड्राइवर ने खोला पीड़िता और उसके दोस्तों का चौंकाने वाला राज

चिन्मयानंद प्रकरण में ड्राइवर ने पीड़िता और उसके दोस्तों का चौंकाने वाला राज खोला है। इस राज के खुलने के बाद इस पूरे मामले में नया मोड़ देखने को मिल रहा है।

23 सितंबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree