डीएनए सैंपल के लिए दोबारा किया शवाें का पोस्टमार्टम

बरेली।   Updated Wed, 07 Jun 2017 01:26 AM IST
Post mortem of dead body for DNA samples
Post mortem of dead body for DNA samples - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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सोमवार को पंचनामा भरने के बाद शाम चार बजे के बाद शवाें का पोस्टमार्टम शुरू हो पाया था। इस दौरान डीएनए सैंपल के लिए शवाें के कई नमूने लिए गए थे। लेकिन मंगलवार को लखनऊ विधि विज्ञान प्रयोगशाला के विशेषज्ञों की सीएमओ से बात हुई तो उन्होंने शवों की लांग बोन (लंबी हड्डी) भी भेजने को कहा। इसलिए सुबह 11 बजे फिर पोस्टमार्टम पैनल में शामिल डॉक्टरों ने पीएम हाउस पहुंचकर हड्डियां संरक्षित कीं। लखनऊ से भी डीएनए परीक्षण के लिए शवाें के नमूनों को किस तरह से भेजा जाना है इसके लिए दिशा निर्देश जारी किये गए हैं। शाम तक इन्हें संरक्षित करके लखनऊ भेज दिया गया। 
सोमवार को शाम चार बजे के बाद पोस्टमार्टम पैनल में शामिल डॉ. अजय मोहन अग्रवाल, डॉ. बृजेश, डॉ. शिवदत्ता, डॉ. जुगल किशोर ने सबसे पहले हादसे में मारे गए 24 शवों का पोस्टमार्टम किया था। इसके अलावा कई अन्य शव भी थे जिनको मिलाकर करीब 32 शवों का पोस्टमार्टम रात करीब ढाई बजे तक चलता रहा। मंगलवार को सुबह साढ़े 11 बजे से फिर दोबारा शवों का पोस्टमार्टम करके शवों के जांघ की हड्डियों को डीएनए प्रिटिंग के लिए संरक्षित किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि शव इतनी बुरी तरह जले हैं कि उनके बाल, नाखून, दांत के सैंपल संरक्षित कर पाना कठिन था। इसलिए सोमवार को पैनल ने हृदय के अंदर मिले रक्त, गर्दन की हड्डी और पसलियाें को संरक्षित किया था। 14 शव ऐसे थे जिनकी लंबी हड्डी नहीँ थी जबकि लखनऊ ने लंबी हड्डी भी मांग ली। इसलिए दोबारा टीम पीएम हाउस पहुंची।  

डीएनए परीक्षण के लिए ये आए निर्देश 
रक्त नमूने को स्वच्छ काटन गॉज, फिल्टर पेपर, एफटीए कार्ड पर सुखाकर सील कर भेजना है 
2 से 5 मिली रक्त लेकर जीवाणुरहित इडीटीए वॉयल थर्मस में बर्फ में भेजना है 
प्रपत्र संख्या दो- दो प्रतियों में अलग- अलग भेजना है 
एफटीए कार्ड पर रक्त सैंपल डालकर छायादार स्थान पर 30 मिनट तक सुखाएं 
रक्त के धब्बे, दांत, बाल जड़ सहित, हड्डियां सूखे स्वच्छ कपड़े में भेजे। 
शवाें की पूरी तरह जली हड्डी, राख परीक्षण के लिए न भेजें। 

डीएनए परीक्षण में ही लग जाएगा 3 से 5 दिन
शवाें की शिनाख्त के लिए भले ही सरकार ने सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिये हों, लेकिन फिर भी डीएनए रिपोर्ट आने में समय लगने की संभावना है। पैथालॉजिस्ट का कहना है कि रिपोर्टिंग में तो ज्यादा समय नहीं लगता है लेकिन जो जांच के दौरान समय लगता है वह अधिक है। इससे रिपोर्ट आने में समय लगेगा। विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ में 24 शवाें के सैंपल बरेली से भेजे जाने हैं। मंगलवार को सिर्फ 16 मृतकों के परिजनों के रक्त नमूने डीएनए परीक्षण के लिए गए हैं। उधर, दोबारा पोस्टमार्टम में शवों की हड्डियों को संरक्षित करने के बाद एक साथ ही इन सैंपलाें को भेजना है। आईएमए की निदेशक डॉ. अंजू उप्पल ने बताया कि डीएनए की रिपोर्ट आने में समय लगता है लेकिन देखने वाली बात है कि किस प्राथमिकता पर जांच होती है। 


परिजनों के लिए होटल के कमरे बुक 
मृतकों के परिजनाें के लिए प्रशासन की ओर से शहर के कई होटलाें में 18 कमरे बुक कराए गए हैं। लेकिन बताया जा रहा है कि अधिकतर परिजन सैंपल देने के बाद बरेली से निकल गए हैं। कुछ ने होटल में शरण ली है। खाने के लिए जिला अस्पताल की कैंटीन और यहां मिलने वाले पांच रुपए के खाने को निशुल्क में देने के लिए कहा गया है 

शवों का दोबारा पोस्टमार्टम करके उनके हड्डियों को संरक्षित किया गया है। सुबह 11 बजे से पोस्टमार्टम शुरू हुआ। इन्हें लखनऊ भेजा जाएगा। संभावना है कि डीएनए रिपोर्ट जल्द ही आ जाएगी। हालांकि 3 से 5 दिन लग सकते हैं।
डॉ. प्रमिला गौड़, एडी हेल्थ 

मेरी लखनऊ बात हुई थी, उन्होंने बताया कि सैंपल के अलावा अगर शवों की लंबी हड्डी भी भेज दी जाए तो अच्छा रहेगा। इसलिए मंगलवार को शवाें की लंबी हड्डी संरक्षित की गई है। प्राथमिकता के आधार पर 3 से 5 दिन रिपोर्ट आने में लगेंगे। 
डॉ. विजय यादव, सीएमओ 

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