युवा पाठकों की राह ताकतीं रहीं किताबें 

बरेली।   Updated Sun, 05 Mar 2017 01:16 AM IST
Books were the way of young readers Taktin
Books were the way of young readers Taktin - फोटो : बरेली, अमर उजाला
एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय पुस्तक मेले में किताबें युवा पाठकों की राह ही ताकतीं रह गई। आखिरी दिन भी केवल विभागीय शिक्षक ही अपनी लाइब्रेरी के लिए किताबों का चयन करते नजर आए। आम छात्रों में मेले को लेकर कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखी। मेले के तीनों दिन गिनती के छात्र ही पहुंचे। मेले में आईं अंग्रेजी साहित्य केबड़े साहित्यकारों की किताबों को छात्रों ने देखा तक नहीं। हिंदी साहित्य में प्रेमचंद्र सरीखे एक दो नामी लेखकों के अलावा किताबाें केपन्ने तक नहीं पलटे गए। हां विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और तकनीक कला संबंधी किताबें जरूर विश्वविद्यालय के विभागों की लाइब्रेरी केलिए आर्डर हुईं हैं।
एक नामचीन पब्लिकेशन का स्टॉल शनिवार दोपहर ढाई बजे ही सिमटने लगा। कारण पूछने पर स्टॉल केसंजीव कुमार बोले, उम्मीद से बहुत कम बिजनेस हुआ है, आसपास के किसी कॉलेज से स्टूडेंट देखने तक नहीं आए, सिर्फ यूनिवर्सिटी के लिए ही किताबाें का आर्डर मिला है। किताब खरीदने आए मीरगंज केराजेंद्र प्रसाद डिग्री कॉलेज केशिक्षक नागेंद्र प्रसाद लेखक सुखदेव थोरात की लिखी किताब ‘भारत में दलित’ थामे दिखे। कहने लगे फेयर में ऐसे कई  बड़े लेखकों की किताबें आई हैं जो ढूंढे नहीं मिलती। पुस्तक मेले में अमर्त्य सेन की किताब ‘आईडिया ऑफ जस्टिस’, प्रसिद्ध इतिहासकार डोरोथी ए फिगुरिया की ‘आर्यन, जॉस, ब्राह्मण’, बाबा साहेब अंबेडकर की ‘अनाइअलेशन ऑफ कास्ट (जाति का विनाश)’ आदि किताबें बिक्री को उपलब्ध थी।  एक स्टॉल केरविंद्र तिवारी ने बताया कि जनरल किताबों में योग एंड वर्किंग वुमन,  संजीव कुमार की लिखी ‘नरेंद्र मोदी : व्यक्ति और राजनीति’ दो स्टूडेंट ले गए। एक स्टॉल केसंजीव बोले कि यूथ अक्सर फिक्शन पसंद करता है, पर यहां उस तरह की किताबों की मांग भी नहीं आई।

विभागों के हेड ने तैयार की किताबों की सूची
रूसा के तहत इस तीन दिवसीय पुस्तक मेले में सभी विभागों के हेड ने कोर्स की जरूरत के हिसाब से किताबों का चयन किया। इसकी सूची रूसा की प्रोजेक्ट मानिटरिंग कमेटी को सौंपी जाएगी। उसके बाद विभागवार बनी क्रय समितियां दो करोड़ की किताबों का क्रय करेंगी। रूसा के कोआर्डिनेटर प्रोफेसर एके सरकार ने बताया कि मेले के जरिये की किताबों का चयन किया जाना है। सभी हेड ने सूची तैयार कर ली है।

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