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वायु प्रदूषण में अलार्मिंग स्टेज की ओर बढ़ रहा बरेली

बरेली।  Updated Mon, 05 Jun 2017 01:01 AM IST
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Bareilly moving towards alarming stage in air pollution
Bareilly moving towards alarming stage in air pollution - फोटो : Bareilly moving towards alarming stage in air pollution

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पर्यावरण विशेष--- 
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बरेली की प्रदूषित हवा भले ही खतरे की घंटी न बजा रही हो, लेकिन अब धीरे- धीरे स्थिति बिगड़ने लगी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और पर्यावरण पर सर्वे करने वाली बड़ी एजेंसी द लेंसेट ने अपने सर्वे में बरेली के हालात को खराब बता दिया है। इनकी ओर से 180 शहराें के वायु प्रदूषण पर रिपोर्ट जारी की गई है, इसमें बरेली को 111वें स्थान पर रखा गया है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि बरेली का वायु प्रदूषण अभी अलार्मिंग स्टेज पर नहीं पहुंचा है लेकिन यह बहुत तेजी से बढ़ रहा है। 
डब्ल्यूएचओ ने मार्च 2017 और द लेंसेट ने अप्रैल 2017 में यह रिपोर्ट जारी की है। सर्वे में भारत के 180 शहरों को शामिल किया गया, यहां टीमों ने वायु प्रदूषण की स्थिति पर अध्ययन करके रिपोर्ट बनाई है। जो रिपोर्ट जारी की गई है उसमें बरेली को 111 स्थान पर रखा गया है। इसकी स्थिति लखनऊ, दिल्ली, मुंबई और कानपुर जैसे शहराें से अच्छी बताई जा रही है। लेकिन फिर भी इसे खतरनाक स्टेज पर बढ़ता हुआ बताया जा रहा है। बताया गया है कि फैक्ट्री, इंडस्ट्री और वाहनों के धुएं से वायु प्रदूषण में मिली तमाम गैसें और टॉक्सिंस मिल जाते हैं। जो सबसे ज्यादा मौतों का कारण बन रहा है। 

- जहरीली हो गई है हवा, मौत का बड़ा कारण 
द लेंसेट रिपोर्ट 2017 के मुताबिक सिर्फ  वायु प्रदूषण की वजह से मौत का आंकड़ा भारत में बढ़ रहा है। भारत में 10 लाख 90 हजार 400 लोगाें की मौत एक साल में इसकी वजह से हुई है। 34 फीसदी लोगाें को फेफड़ों का कैंसर, 27 फीसदी लोगों को दिल की बीमारी, 35 फीसदी लोगों को फेफड़ों का कैंसर, 34 फीसदी लोगों को स्ट्रोक होने में वायु प्रदूषण बड़ा कारण है। 
- बरेली में भी तेजी से बढ़ रहे हैं वाहन 
दिल्ली में इस समय एक करोड़ वाहन बढ़ गए हैं। बरेली में भी स्थिति खतरनाक हैं। हर साल 10 हजार से अधिक वाहनों की बिक्री बरेली में होती है। इस समय बाइक 4 लाख 75 हजार, कार 40 हजार 890, ट्रैक्टर 40 हजार, ट्रक 8000 और मिनी ट्रक 4500 मिलाकर कु ल 16 वर्गों के वाहनों को मिलाकर 5 लाख 81 हजार 602 वाहन पंजीकृत हैं। 
- इतनी है हवा जहरीली 
समय                आईवीआरआई        सिविल लाइंस (प्रभा सिनेमा)
2 से 10 पीएम    209.87                266
10 से 6 एएम    203.73                279.58
6 से 2 पीएम     194.65                266.21 
प्रदूषण बोर्ड नियंत्रण और बरेली कॉलेज की ओर से किये गए एयर एनालाइजर से यह औसत रिपोर्ट जारी हुई है। इसके अनुसार आईवीआरआई और सिविल लाइंस में आरएसपीएम (रिसपेरिबुल सस्पेक्ट पर्टिकुलेट मैटर) यानी वायु में मिले घातक कण मानक से ज्यादा हैं। मानक 80 से 100 आरपीएसएम होना चाहिए। यूपीपीसीबी के नेशनल एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग प्रोग्राम के अनुसार 2015 और 2016 में आरएसपीएम ज्यादा पाया गया है। अक्तूबर और नवंबर में दीवाली के समय कुछ ज्यादा ही स्थिति खराब रहती है। 
जिस तरह से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है उससे बरेली के हालात भी दिल्ली, लखनऊ और कानपुर की तरह हो जाएंगे। डब्ल्यूएचओ और द लेंसेट की रिपोर्ट भी चौंकाने वाली है। हम सिर्फ एक दिन के लिए दिवस मनाकर क्यों खिलवाड़ कर रहे हैं, बल्कि हर दिन 15 मिनट के लिए पर्यावरण दिवस मनाना चाहिए। विशेषज्ञाें के मुताबिक अगले 50 सालाें में पृथ्वी में सांस लेना कठिन होगा। इसलिए अभी से सुधरना जरूरी है। 
डॉ. डीके सक्सेना, पर्यावरण विशेषज्ञ 

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