बरेली क्लब और जीआरएम में मुस्करा रहे फूल 

बरेली।   Updated Sun, 05 Mar 2017 01:21 AM IST
Bareilly club and smiling flower in GRM
Bareilly club and smiling flower in GRM - फोटो : बरेली, अमर उजाला
बरेली क्लब और डोहरा रोड स्थित जीआरएम स्कूल के आंगन में शनिवार को फूलों की बगिया सजी गई।  किस्म- किस्म के फूल आए हैं इस बार। पुष्प प्रेमियाें के आवेदन बढ़ने से यह भी साफ हुआ कि फूलों के प्रति लोगों की दीवानगी बढ़ी है। रविवार को जजों के पैनल द्वारा विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। जीआरएम में दोपहर 12 बजे से और बरेली क्लब में शाम 4 बजे से पुरस्कार वितरण शुरू होगा। 

जीआरएम में उमडे़ फूलों के दीवाने 
जीआरएम स्कूल की नवनिर्मित शाखा में पहली बार नमोनारायण अग्रवाल की याद में  फूलों की नुमाइश लगी। शुभारंभ  संयुक्त शिक्षा निदेशक शिव प्रकाश द्विवेदी ने किया।  इससे पहले गुलाब राय ट्रस्ट के अध्यक्ष रवि अग्रवाल, प्रबंधक राजेश अग्रवाल जौली, अकादमिक निदेशक ग्रेस जोस, निदेशक त्रिजित अग्रवाल और प्रधानाचार्य शील सक्सेना ने अतिथियों का स्वागत किया। एसआरएमएस, आईवीआरआई, कैंट बोर्ड, गंगाशील ऑफ नर्सिंग, गंगाशील महाविद्यालय आदि ने प्रदर्शनी में हिस्सा लिया। इसके अलावा व्यक्तिगत रूप से हरीश भल्ला, विभा वैद्य, डा. निशांत गुप्ता, आशा मूर्ति, रजत खंडेलवाल, डा. पुनीत शर्मा, के लंबूम्ब, आरके महेश्वरी, देव मूर्ति, रूमा गुप्ता की प्रविष्टियां शामिल हैं। संचालन रजनीश त्रिवेदी और राहुल मैसी ने किया।
 बरेली क्लब में पुष्प प्रेमियों का जमावड़ा 
 बरेली क्लब के फ्लावर शो में गुलाब की किस्मों की कमी है। बरेली क्लब के लॉन में इस बार कट फ्लावर भी नहीं है।। हालांकि फूलों में विदेशी वैरायटी की कमी नहीं है। कैक्टस लगाने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। पहले जहां मात्र चार से पांच ग्रुप ही इसमें भाग लेते थे, वहीं इस बार 14 ग्रुप ने कैक्टस में भाग लिया है। एक ग्रुप में कैक्टस के छह प्रकार हैं। बरेली क्लब में 1996 से बागवानी संभाल रहे दीनदयाल  कहते हैं कि लोग अब खूबसूरत फूलों को अधिक तवज्जो दे रहे हैं यही कारण है कि खुशबू वाले फूल अब देखने को नहीं मिलते। इस बार भी पिट्यूनिया और जरबेरा प्रजाति के फूल अधिक हैं। सचिव रिटायर्ड कर्नल सीपीएस राठौर ने बताया कि रविवार को दर्शकों की संख्या बढ़ेगी। 

ये किस्म बना रहे हैं दीवाना 
किस्म        खासियत
पिट्यूनिया- कई रंग के फूलों से गमला भर जाता है। 
जरबेरा-     गुलदस्ता बनाने के काम आता है, धूप से बचाना जरूरी
जरनिया- सर्दी में ही होते हैं फूल
कलसोलिया- फूल गुब्बारे की तरह लगते हैं। ठंडी जगह होता है। 
जेंथस- जनवरी में लगाओ तो अप्रैल तक फूल आते हैं। 
एमरेंटस- हाथी सूंड, बालों की चोटी की तरह गुथे हुए फूल
गजेनिया- धूप से खुलता है, इसकी जड़ को फ्रिज में रख दें तो फिर बो सकते हैं 
स्टॉक- नाम की तरह ही फूल स्टॉक में रहता है, फूल खत्म नहीं होते 

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