अधूरी सड़कों के लिए जिम्मेदार कौन!

Bareilly Updated Wed, 07 May 2014 05:31 AM IST
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बरेली। केस एक- बिहारीपुर खत्रियान में धर्मशाला के निकट ठेकेदार सड़क में घटिया टाइल्स लगवा रहा था। नगर निगम में शिकायत हुई तो ठेकेदार छह महीने पहले काम अधूरा छोड़कर चला गया।
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केस दो
फरीदापुर में 70 लाख की लागत से 16 टाइल्स की सड़कें नगर निगम से स्वीकृत हुईं। ठेकेदार ने अधिकार सड़कों में घटिया टाइल्स लगवाए। स्थानीय विरोध पर ठेकेदार ने कई सड़कें अधूरी छोड़ दीं।
केस तीन
तिलक इंटर कालेज के निकट भी नगर निगम ने टाइल्स की सड़क स्वीकृत की। सड़क पर टाइल्स पड़ते ही टूटने लगे।
बरेली। सड़क निर्माण में ठेकेदारों ने घटिया टाइल्स लगा दीं। टाइल्स की नई बनी सड़कें दो या तीन माह में ही उखड़ने लगीं। नगर निगम ने इनकी जांच कराने को टीम गठित की। एक टीम शासन से भी गठित कर दी गई। दो-दो टीमों कीजांच से भड़के ठेकेदारों ने ज्यादातर सड़कें अधूरी बनी छोड़ दीं। इन सड़कों का निर्माण जांच पूरी न होने तक अधर में लटक गया है। छह माह से अधबनी पड़ी इन सड़कों पर राहगीरों को निकलना मुश्किल हो रहा है। ठेकेदारों की करनी और नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अब बरसात शुरू होने वाली है। अगर तब तक सड़कें अधूरी रहती हैं तो मुहल्लों में नरक होना तय है।
वित्तीय वर्ष 2012-13 में नगर निगम में 21.60 करोड़ की लागत से 360 टाइल्स की सड़कें स्वीकृत हुई थीं। ठेकेदारों ने मानक से कम गुणवत्ता के टाइल्स की सड़कें बनवानी शुरू कर दीं। ऐसी सड़कें बनते ही उखड़ने लगीं तो विरोध शुरू हो गया। नगर निगम ने इनकी जांच कराने की घोषणा कर दी। घपले की जांच में फंसने के डर से अधिकांश ठेकेदार सड़कें अधूरी छोड़कर चले गए। सैनिक कालोनी में गली नंबर चार की सड़क छह माह से उखड़ी पड़ी है। पुराना शहर में दर्जनों टाइल्स की सड़कें ठेकेदार अधूरी बनी छोड़ गए हैं। इन सड़कों की जांच कहां तक पहुंची है, कब तक पूरी हो पाएगी, सड़कें कब बन पाएंगी यह बताने वाला कोई नहीं है। बरसात से पहले सड़कें बनने की उम्मीद न देख कई जगह लोग आंदोलन की तैयारी करने लगे हैं।

‘टाइल्स की सड़कों की जांच के डर से ठेकेदार काम छोड़कर भाग गए। ऐसे ठेकेदारों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब असंतोषजनक होने पर ठेकेदारों का अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। सड़कों का निर्माण जल्दी पूरा करने की कोशिश की जाएगी।’ उमेश प्रताप सिंह, नगर आयुक्त

‘ठेकेदारों ने टाइल्स गुणवत्ता के अनुरूप नहीं लगाए। घटिया सड़कें किसी हाल में नहीं बनने देंगे। अब नगर निगम अपनी निगरानी में टाइल्स खरीदवाकर सड़कों को पूरा कराएगा।’ डा. आईएस तोमर, मेयर
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