...तो इस साल भी बंदरबांट की तैयारी है

Bareilly Updated Sat, 23 Nov 2013 05:46 AM IST
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बरेली। जिला योजना एक बार फिर फ्लाप होती दिखाई दे रही है। वर्ष 2013-14 में स्वीकृत दो अरब से ज्यादा की जिला योजना में आठ महीने गुजरने के बाद शासन से सिर्फ 20 करोड़ का बजट मिल पाया है। हाल यह है कि अधिकतर विभाग जिला योजना में स्वीकृत विकास योजनाओं पर अब काम तक शुरू नहीं कर पाए। ऐसे में पिछले साल की तरह इस साल भी वित्तीय वर्ष के आखिरी महीने में बजट के बंदरबांट के आसार साफ दिखाई दे रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2013-14 की जिला योजना की बैठक 16 जून को हुई थी। इसमें 2.03 अरब के बजट को स्वीकृति मिली थी। इस बजट से कृषि, गन्ना, लोक निर्माण, निशुल्क बोरिंग, पशु चिकित्सा, दुग्ध, पंचायती राज, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम, सड़क और पुल, प्राथमिक, माध्यमिक शिक्षा, चिकित्सा और स्वास्थ्य अैर ग्रामीण पेयजल और पौधरोपण आदि योजनाएं क्रियान्वित किए जाने का लक्ष्य था। वित्तीय वर्ष के आठ महीने बीतने की ओर हैं। शासन से महज 20 करोड़ का बजट इन योजनाओं के क्रियान्वयन को मिला है। अब अफसर समझ नहीं पा रहे हैं कि इस बजट से कौन से काम कराएं। कौन से छोड़ें। जिला योजना के प्रभारी मंत्री अंबिका चौधरी ने बैठक के एक महीने बाद जिला समिति से पास प्रस्तावों की प्रगति की समीक्षा करने की बात कही थी। आठ महीने में प्रभारी मंत्री सपा की रैली में तो नजर आए, लेकिन जिला योजना के काम की प्रगति देखने का शायद उन्हें समय नहीं मिला। वित्तीय वर्ष 2012-13 में 203 करोड़ की जिला योजना में करीब 61 करोड़ रुपये ही मिले थे। वह भी मार्च के आखिरी हफ्ते में। उसमें भी अफसरों ने 23.02 करोड़ रुपये अफसरों ने महज चार दिन में खर्च कर दिए। एसजीएसवाई में 1.10 करोड़ रुपये केवल 31 मार्च को खर्च दिखाकर बंदरबांट कर दिया गया।
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कोट
शासन से जिला योजना और राज्य योजना का बजट संयुक्त रूप से विभागों को दे दिया गया है। विभागीय अधिकारी भी संयुक्त रिपोर्ट भेज रहे हैं। उनको कहा गया है कि जिला योजना की रिपोर्ट अलग से भेजें, हो सकता है कि शासन ने 20 करोड़ से अधिक का बजट जारी कर दिया हो। हालांकि अभी इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं की जा सकती है। हमें 20 करोड़ रुपए जारी होने के रिपोर्ट मिली है।
नरेंद्र सिंह यादव, अर्थ एवं संख्या अधिकारी


जिला योजना में स्वीकृत प्रमुख काम
-10 नए पशु चिकित्सा केंद्रों का निर्माण
-पराग डेयरी को क्रियाशील बनाने को 12 नई समितियां बनाना
-मॉडर्न पोस्टमार्टम हाउस का निर्माण
-सांसद और विधायक निधि में सड़क निर्माण के प्रस्ताव


डिमांड के सापेक्ष मिला बजट (राशि लगभग में)

विभाग डिमांड मिला
कृषि 8.00 लाख 2.25 लाख
गन्ना 423 लाख 180 लाख
लघु सिंचाई 282 लाख 132 लाख
दुग्ध विकास 373 लाख 233 लाख
वन 120 लाख 20 लाख
डीआरडीए 41 लाख 20 लाख
खादी 30 लाख 20 लाख
माध्यमिक शिक्षा 183 लाख 40 लाख
पंचायत राज 115 लाख 25 लाख
इंदिरा आवास 1052 लाख 73 लाख
समाज कल्याण 230 लाख 70 लाख
मनरेगा 550 लाख 200 लाख
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