बेचने लाई गई किशोरी चंगुल से छूटी

Bareilly Updated Sat, 23 Nov 2013 05:46 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

विज्ञापन

बरेली। बुलंदशहर के डिबाई से अपहरण करके यहां बेचने को लाई जा रही किशोरी बमुश्किल अपहर्त्ताओं के चंगुल से निकल पाई। जैसे-तैसे बरेली जंक्शन पहुंची। लेकिन जीआरपी ने किशोरी को पांच घंटे थाने में बैठाने के बाद भी न तो उसका मेडिकल कराया, न अपहर्त्ताओं को पकड़ने की कोशिश की। आनन-फानन में परिवार वालों के सुपुर्द कर थाने से चलता कर दिया।
तकरीबन 14-15 साल की एक किशोरी शुक्रवार सुबह जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर चार पर रोती मिली। यात्रियों के पूछने पर उसने अपने अपहरण की बात बताई। कहा कि चार युवक बुलंदशहर डिबाई से उसका अपहरण कर बरेली लाए थे। वह उसको यहां किसी को बेचने की बात कर रहे थे। किशोरी के बताए स्थान के अनुसार अपहरणकर्ता सुभाषनगर रेलवे कॉलोनी के आसपास कहीं रुके। यहीं मौका पाकर किशोरी खड़ी कार से कूदकर निकल भागी। लोगों ने आपबीती सुनने के बाद उसे जीआरपी थाने पहुंचाया। किशोरी ने अपहरण और बेचने की पूरी कहानी पुलिस को बताई। उसके अनुसार वह खाना बनाने के लिए गुरुवार की शाम अपने घर के पास खेत में रखे कंडे लेने निकली थी। इसी दौरान सफेद कार पास में आकर रुकी। दो लोग बाहर निकले और जबरदस्ती धक्का देकर उसको कार में बैठा लिया। शोर मचाने पर जान मारने की धमकी दी। बरेली पहुंचने पर पता चला कि कहां आई हूं। कार से निकलने के बाद रास्ता पूछ-पूछ कर वह घर जाने को रेलवे जंक्शन पहुंची।
पूछताछ के बाद जीआरपी ने किशोरी के घरवालों को सूचना दी। दोपहर में उसके पिता और मौसा यहां पहुंचे। जीआरपी ने किशोरी को पांच घंटे थाने में बैठाने के बाद भी उसका मेडिकल कराने की जरूरत नहीं समझी। कार्रवाई न होने पर परिवार वालों की नाराजगी इस बात पर भी थी कि यदि पुलिस ने समय रहते अपहर्त्ताओं को पकड़ने की कोशिश की होती तो लड़कियों का अपहरण करके उन्हें बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश भी संभव था। जीआरपी के इंस्पेक्टर अयूब हसन का कहना है कि मामला बुलंदशहर का होने की वजह से यहां प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। हालांकि वह निल एफआईआर के सवाल पर बचते नजर आए और कहा कि किसी ने तहरीर नहीं दी इसलिए कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।

सवाल

कौन थे अपहरणकर्ता
जिस तरह की घटना किशोरी ने बयां की वह बेहद सनसनीखेज मामला है। हाईवे और मुख्य सड़कों के किनारेे बसे गांव की लड़कियां-बच्चियों का अपहरण कर बेचने वाला कोई गिरोह तो सक्रिय नहीं है यह बड़ा सवाल है।

लड़की के साथ दुष्कर्म तो नहीं हुआ
डिबाई से किशोरी का अपहरण किया गया। करीब छह से सात घंटे का सफर तय करने के बाद उसे बरेली तक लाए। संभावना यह है कि किशोरी के साथ दुष्कर्म किया गया हो लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया इसलिए इसका पता नहीं चल सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us